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kerala Assembly Election 2021: केरल विधानसभा चुनाव को लेकर BJP नेताओं की बैठक, जीत को लेकर बनाई योजना

हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी वाम मोर्चा के प्रभावशाली प्रदर्शन से बौखलाए केरल के भाजपा नेताओं ने गुरुवार को 2021 का विधानसभा चुनाव जीतने की योजना बनाई.

kerala Assembly Election 2021: केरल विधानसभा चुनाव को लेकर BJP नेताओं की बैठक, जीत को लेकर बनाई योजना
बीजेपी (Photo Credits: Twitter)

तिरुवनंतपुरम, 24 दिसंबर: हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में सत्ताधारी वाम मोर्चा के प्रभावशाली प्रदर्शन से बौखलाए केरल के भाजपा नेताओं ने गुरुवार को 2021 का विधानसभा चुनाव जीतने की योजना बनाई. पार्टी दक्षिणी राज्य में अपना आधार व्यापक बनाने के लिए 'सोशल इंजीनियरिंग मोड' में चली गई है. भाजपा की कोर कमेटी ने गुरुवार सुबह से शाम तक कोच्चि में बैठक की. केरल राज्य भाजपा इकाई के प्रभारी सी.पी. राधाकृष्णन ने मीडिया को बताया कि बैठक में भाग लेने वाले 2021 की जीत सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट योजना के साथ सामने आए थे.

उन्होंने कहा, "केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में अच्छा-खासा वोट हासिल करने वाली भाजपा एकमात्र पार्टी है. हमारी पार्टी ने 25 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों में 30,000 से अधिक वोट प्राप्त किए. भाजपा अब मुख्य रूप से इन 25 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी, इसके अलावा अन्य 40 निर्वाचन क्षेत्रों में भी." भाजपा नेताओं ने जनवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की केरल (Kerala) के ईसाई संप्रदाय के विशिष्टजनों के साथ बातचीत की व्यवस्था करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की हालिया रणनीति पर भी चर्चा की.यह भी पढ़े: पश्चिम बंगाल में BJP नेताओं के खिलाफ झूठे मामले, सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार से मांगा जवाब.

पूर्व केरल भाजपा (BJP) अध्यक्ष पी.एस. श्रीधरन पिल्लई (PS Shridharan Pillai), जो इस समय मिजोरम के राज्यपाल हैं, फिलहाल केरल के ईसाई संप्रदाय के विशिष्टजनों से बातचीत कर रहे हैं. ईसाई मतदाताओं का समर्थन भाजपा के लिए महत्वपूर्ण होगा, विशेष रूप से मध्य केरल में.

पूर्व राज्य भाजपा प्रमुख पिल्लई ने कहा, "भाजपा अब सोशल इंजीनियरिंग मोड में है. पार्टी नेतृत्व विभिन्न सामाजिक समूहों और समुदायों के साथ बैठक करेगा, जिसमें शक्तिशाली नायर सर्विस सोसायटी और श्रीनारायण धर्म परपलाना (एसएनडीपी) नेतृत्व, और विभिन्न संगठन शामिल हैं. मध्य जनवरी से पहले एससी/एसटी और ओबीसी समूहों के साथ बातचीत की जाएगी. अगर जरूरत हुई तो प्रधानमंत्री इन संगठनों के नेताओं से सीधे संवाद करेंगे."

भाजपा अब गंभीरता से ईसाई समुदाय पर ध्यान केंद्रित कर रही है और मुस्लिम यूथ लीग के नेता मुनव्वर अली शिहाब थंगल के साथ पार्टी के मुखपत्र 'चंद्रिका' में एक लेख में हागिया सोफिया मस्जिद मुद्दे पर समर्थन व्यक्त किया है. ईसाई समुदाय कथित रूप से संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) से अलग हो रहा है.

कोर कमेटी की बैठक में भाग लेने वाले भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हमने केरल में ईसाई समुदाय का यूडीएफ के साथ मतभेद की बातें सामने रखी है. यह भाजपा के लिए समर्थन की बाढ़ खोल देगा. हम पार्टी को जीतने की स्थिति में लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे."

इस बीच, स्थानीय निकाय चुनावों से दूर रहने वाली शोभा सुरेंद्रन जैसी नेताओं को कोर कमेटी की बैठक में कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा. उनके आलोचकों ने कहा, "शोभा सुरेंद्रन (Surendra) एक वरिष्ठ पार्टी नेता हैं. उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी और स्थानीय चुनावों में सक्रिय रूप से खुद को शामिल करना चाहिए था."

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 24, 2020 08:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).