BJP नेता बोले- सरकार बनी तो पश्चिम बंगाल में भी NRC, जानिए क्या है मामला
असम में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम मसौदा सोमवार को जारी कर दिया गया. असम देश में एक मात्र ऐसा राज्य है जहां एनआरसी जारी किया गया है.
नई दिल्ली: असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का दूसरा ड्राफ्ट आने पर अभी सियासत थमी भी नहीं है कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में भी इसी तर्ज नागरिकों की पहचान कराने की बात कही है. बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि अगर उनकी पार्टी की सरकार आती है असम की तरह ही बंगाल में भी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) जारी किया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस ने असम में एनआरसी लिस्ट से 40 लाख लोगों के नाम गायब होने पर गंभीर ऐतराज जताया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी की अगुवाई में विपक्ष ने केन्द्र और बीजेपी पर बड़ा हमला किया है.
असम में एनआरसी के सम्पूर्ण मसौदे को जारी करने के समर्थन में उन्होंने कहा कि कुछ नेता 'घड़ियाली आंसू' बहा रहे हैं क्योंकि उन्हें अपनी 'वोट बैंक' की राजनीति के खत्म होने का अंदेशा है.
ममता केंद्र ने सरकार आरोप लगाया जिन लोगों के लिस्ट में नाम नहीं है, उनका सरनेम देखकर जानबूझकर समुदाय विशेष लोगों के साथ भेदभाव किया गया है. साथ ही जिन लोगों के पास अपना आधार कार्ड और पासपोर्ट्स है उनका नाम भी इस ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है. इन लोगों के नाम उनके उपनाम के चलते हटाए गए हैं. क्या यह सरकार जबरदस्ती लोगों को निकालना चाहती है.
गौरतलब है कि असम में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का अंतिम मसौदा सोमवार को जारी कर दिया गया. असम देश में एक मात्र ऐसा राज्य है जहां एनआरसी जारी किया गया है, जिसमें पूर्वोत्तर राज्य के कुल 3.29 करोड़ आवेदकों में से 2.89 करोड़ लोगों के नाम हैं. जबकि करीब 40 लाख लोग अवैध पाए गए हैं.
ज्ञात हो कि अवैध नागरिकों को भेजेंगे बांग्लादेश दिलीप घोष ने कहा, 'अगर पश्चिम बंगाल में बीजेपी सत्ता में आती है तो हमलोग राज्य में भी एनआरसी लागू करेंगे. हमलोग अवैध नागरिकों को बांग्लादेश वापस भेजेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 30, 2018 08:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

