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मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने सीएम गहलोत के भाई को भेजा समन, बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया

राजस्थान (Rajasthan) में मचे सियासी घमसान अभी तक थमा नहीं है. इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के भाई अग्रसेन गहलोत (Agrasen Gehlot) को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने समन जारी कर 24 घंटे में दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले सप्ताह बुधवार को फर्टिलाइजर घोटाले के संबंध में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई के घर समेत दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापे मारे की थी. इस छापेमारी के एक सप्ताह के बाद अग्रसेन गहलोत को ईडी ने समन भेजा है. वहीं अग्रसेन गहलोत के दिल्ली जाने से राजनीति के गलियारे में गहमागहमी शुरू हो गई है.

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ED ने सीएम गहलोत के भाई को भेजा समन, बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Photo Credits: PTI)

राजस्थान (Rajasthan) में मचे सियासी घमसान अभी तक थमा नहीं है. इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के भाई अग्रसेन गहलोत (Agrasen Gehlot) को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने समन जारी कर 24 घंटे में दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले सप्ताह बुधवार को फर्टिलाइजर घोटाले के संबंध में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई के घर समेत दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापे मारे की थी. इस छापेमारी के एक सप्ताह के बाद अग्रसेन गहलोत को ईडी ने समन भेजा है. वहीं अग्रसेन गहलोत के दिल्ली जाने से राजनीति के गलियारे में गहमागहमी शुरू हो गई है.

बता दें कि 22 जुलाई को ईडी की छापेमारी के बाद भड़की कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था. कांग्रेस ने कहा था कि जब राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने की केंद्र की कोशिश नाकाम हो गई, तब ईडी ने छापेमारी की है. साल 2007-2009 के दौरान उर्वरक निर्यात घोटाले से जुड़े एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले के लिए ईडी ने अग्रसेन गहलोत को यह समन जारी किया है. यह भी पढ़ें:- Rajasthan Political Crisis: सचिन पायलट गुट के MLA भंवरलाल शर्मा ने हाईकोर्ट में दायर की याचिका- विधायक खरीद-फरोख्त मामले की जांच NIA करे.

गौरतलब हो कि अग्रसेन गहलोत पर आरोप है कि इन्होने साल 2007 से 2009 के बीच किसानों के लिए ली गई उर्वरक को प्राइवेट कंपनियों को दे दिया. जिस वक्त यह घोटाला हुआ उस दौरान केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी. जबकि सूबे में अशोक गहलोत सीएम थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2020 11:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).