चुनाव आयोग ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बिहार में वोटर लिस्ट की प्रक्रिया और 'वोट चोरी' जैसे गंभीर आरोपों पर अपना पक्ष रखा. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि आयोग के लिए न कोई सत्ता पक्ष है और न ही कोई विपक्ष, सभी राजनीतिक दल बराबर हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना गलत है.
'वोट चोरी' जैसा कुछ नहीं होता
ज्ञानेश कुमार ने 'वोट चोरी' शब्द के इस्तेमाल पर कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, "यह शब्द ही गलत है. चुनाव की प्रक्रिया इतनी पारदर्शी होती है कि इसमें वोट चोरी संभव ही नहीं है." उन्होंने समझाया कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया में एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारी, 10 लाख से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट और 20 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट शामिल होते हैं. इतने सारे लोगों की मौजूदगी में कोई किसी का वोट कैसे चुरा सकता है? उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई शिकायत थी, तो उसे कोर्ट में याचिका दायर करनी चाहिए थी.
#WATCH | Delhi: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "...SIR has been started in Bihar. 1.6 lakh Booth Level Agents(BLA) have prepared a draft list...As this draft list was being prepared in every booth, the Booth Level Agents of all political parties verified it with… pic.twitter.com/Y8bRTprCQH
— ANI (@ANI) August 17, 2025
बिहार की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है
बिहार में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए CEC ने कहा कि यह काम पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से हो रहा है. उन्होंने बताया:
- सबकी भागीदारी: इस प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर सभी मतदाता, सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मिलकर काम कर रहे हैं.
- लिखित सहमति: बिहार में 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंटों ने जो ड्राफ्ट लिस्ट तैयार की है, उस पर सभी राजनीतिक दलों के एजेंटों ने दस्तखत करके अपनी सहमति दी है.
- सबूत मौजूद हैं: यह पूरी प्रक्रिया वीडियो में भी दर्ज की जा रही है और दलों के एजेंट लिखित में प्रशंसापत्र भी दे रहे हैं.
#WATCH | Delhi: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "The doors of the Election Commission are always open for everyone equally. At the ground level, all the voters, all the political parties and all the booth-level officers are working together in a transparent… pic.twitter.com/1R1l3dDSPG
— ANI (@ANI) August 17, 2025
क्या बड़े नेताओं तक सच नहीं पहुंच रहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ने एक गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा, "यह हैरानी की बात है कि राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके एजेंटों द्वारा सत्यापित किए गए दस्तावेज और वीडियो सबूत शायद उनके राज्य या राष्ट्रीय स्तर के नेताओं तक नहीं पहुंच रहे हैं. या फिर जानबूझकर जमीनी हकीकत को नजरअंदाज करके भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है."
#WATCH | Delhi: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "Some voters alleged double voting. When asked for proof, no answer was given. Neither the Election Commission nor any voter is afraid of such false allegations. When politics is being done by targeting the voters of… pic.twitter.com/EeFKI9ustg
— ANI (@ANI) August 17, 2025
वोटरों की निजता का सम्मान हो
CEC ने इस बात पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की कि कुछ लोगों ने बिना अनुमति के कई वोटरों की तस्वीरें और जानकारी मीडिया के सामने सार्वजनिक कर दी. उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से गलत है. क्या चुनाव आयोग को किसी भी वोटर, उनकी मां, बहू या बेटी का CCTV वीडियो सार्वजनिक कर देना चाहिए? जिनका नाम वोटर लिस्ट में है, सिर्फ वही वोट डालते हैं."
#WATCH | Delhi: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "In the process of Lok Sabha elections, more than one crore employees, more than 10 lakh booth level agents, more than 20 lakh polling agents of candidates work for the elections. In such a transparent process in… pic.twitter.com/wlizYHlSXx
— ANI (@ANI) August 17, 2025
आयोग मजबूती से खड़ा है
ज्ञानेश कुमार ने साफ किया कि चुनाव आयोग बिना किसी डर के अपना संवैधानिक कर्तव्य निभाता रहेगा. उन्होंने कहा, "राजनीतिक दल चुनाव आयोग के जरिए ही पंजीकृत होते हैं, तो फिर आयोग उनके बीच भेदभाव कैसे कर सकता है? जब बिहार के सात करोड़ से ज्यादा मतदाता चुनाव आयोग के साथ खड़े हैं, तो न तो आयोग की विश्वसनीयता पर और न ही मतदाताओं की विश्वसनीयता पर कोई सवाल उठाया जा सकता है."
#WATCH | Delhi: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "We saw a few days ago that photos of many voters were presented to the media without their permission. Allegations were made against them, they were used. Should the Election Commission share the CCTV videos of any… pic.twitter.com/WcOIBTSBMS
— ANI (@ANI) August 17, 2025
#WATCH | Delhi: Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar says, "As per the Constitution of India, every citizen of India who has attained the age of 18 years must become a voter and must also vote. You all know that, as per the law, every political party is born through… pic.twitter.com/RRg5mdC1Gn
— ANI (@ANI) August 17, 2025
उन्होंने अंत में कहा कि जब चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर भारत के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है, तो आयोग यह स्पष्ट करना चाहता है कि वह बिना किसी भेदभाव के देश के हर गरीब, अमीर, बुजुर्ग, महिला और युवा वोटर के साथ चट्टान की तरह खड़ा था, खड़ा है और हमेशा खड़ा रहेगा.













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