देश

West Bengal: ईसीआई की चार सदस्यीय टीम का दौरा, एसआईआर प्रोग्रेस का करेगी रिव्यू

भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की चार सदस्यीय सेंट्रल टीम मंगलवार को कोलकाता आ रही है. यह टीम राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का रिव्यू करने के लिए चार दिन के दौरे पर जाएगी. यह 4 नवंबर से शुरू हुआ था. इस महीने में रिवीजन प्रोसेस का रिव्यू करने के लिए सेंट्रल ईसीआई टीम का यह दूसरा पश्चिम बंगाल दौरा है.

West Bengal: ईसीआई की चार सदस्यीय टीम का दौरा, एसआईआर प्रोग्रेस का करेगी रिव्यू

कोलकाता, 18 नवंबर : भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की चार सदस्यीय सेंट्रल टीम मंगलवार को कोलकाता आ रही है. यह टीम राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का रिव्यू करने के लिए चार दिन के दौरे पर जाएगी. यह 4 नवंबर से शुरू हुआ था. इस महीने में रिवीजन प्रोसेस का रिव्यू करने के लिए सेंट्रल ईसीआई टीम का यह दूसरा पश्चिम बंगाल दौरा है. टीम के चार सदस्यों में डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश भारती, ईसीआई के दो प्रिंसिपल सेक्रेटरी, एस.बी. जोशी और मलय मलिक और डिप्टी सेक्रेटरी अभिनव अग्रवाल शामिल होंगे.

सेंट्रल टीम मंगलवार को कोलकाता पहुंचेगी और 21 नवंबर तक राज्य में रहेगी. मौजूदा दौरे के दौरान, टीम कोलकाता, साउथ 24 परगना, नादिया, मुर्शिदाबाद और मालदा में एसआईआर प्रोग्रेस का रिव्यू करेगी. इस महीने की शुरुआत में पिछले दौरे पर सेंट्रल ईसीआई टीम ने नॉर्थ बंगाल के तीन जिलों में एसआईआर की प्रोग्रेस का रिव्यू किया था. पश्चिम बंगाल में तीन स्टेज वाले एसआईआर का पहला स्टेज 4 नवंबर को शुरू हुआ था. सूत्रों ने बताया है कि वोटरों के बीच गिनती के फॉर्म बांटने का काम लगभग पूरा हो चुका है. यह भी पढ़ें : राहुल गांधी-प्रियंका गांधी वाड्रा डरेंगे-रुकेंगे नहीं, देशहित के लिए काम करते रहेंगे; रॉबर्ट वाड्रा

पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (सीईओ) के ऑफिस से मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, बूथ-लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) द्वारा इकट्ठा किए गए गिनती के फॉर्म के डिजिटाइजेशन का प्रोसेस पहले ही शुरू हो चुका है और एक करोड़ से अधिक गिनती के फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है. 27 अक्टूबर तक, इलेक्टोरल रोल के हिसाब से पश्चिम बंगाल में कुल वोटरों की संख्या 7,66,37,529 है. पूरी प्रक्रिया अगले साल मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है. पश्चिम बंगाल में पिछली बार एसआईआर 2002 में हुआ था.

जिन वोटरों के नाम या उनके माता-पिता के नाम 2002 की वोटर लिस्ट में थे, उन्हें एसआईआर प्रोसेस में अपने आप वैध वोटर माना जाएगा. वहीं, जिन वोटर्स के नाम या उनके माता-पिता के नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं थे, उन्हें अपना नाम वोटर रोल में बनाए रखने के लिए ईसीआई द्वारा बताए गए 11 डॉक्यूमेंट्स में से कोई भी जमा करना होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 18, 2025 11:41 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).