मराठा आरक्षण: जश्न की संभावना के चलते पुलिस को सतर्क किया गया
बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा. न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ ने हालांकि कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुरूप आरक्षण का प्रतिशत 16 से घटाकर 12 से 13 प्रतिशत किया जाना चाहिए.
मुंबई. मराठा समुदाय को नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण पर उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले के बाद जश्न की संभावनाओं को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस विभाग ने गुरूवार को अपने कर्मियों को सतर्क किया. कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है.
बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा.
Bombay High Court has upheld the reservation but says "16% is not justifiable." https://t.co/tnIVEKhybD
— ANI (@ANI) June 27, 2019
न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की खंडपीठ ने हालांकि कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के अनुरूप आरक्षण का प्रतिशत 16 से घटाकर 12 से 13 प्रतिशत किया जाना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 27, 2019 08:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

