मनमोहन सिंह पर पाकिस्तान से सांठगांठ के झूठे आरोप लगाने पर प्रधानमंत्री देश से माफी मांगें : कांग्रेस
कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के खिलाफ अपने बयान के लिए माफी मांगने को कहा.
नई दिल्ली: कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ अपने बयान के लिए माफी मांगने को कहा. कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिना सबूत के मनमोहन व अन्य पर पाकिस्तान से सांठगांठ कर पिछले साल गुजरात विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया, इसके लिए वह देश से माफी मांगें.
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेरा ने प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत एक जून को मिले जवाब का हवाला देते हुए कहा कि मोदी का बयान विभिन्न स्रोतों से मिली अनौपचारिक व औपचारिक सूचनाओं पर आधारित था, किसी आधिकारिक सूचना पर नहीं.
खेरा ने मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि वह निर्वाचित नेता हैं और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लिए हुए हैं, फिर भी वह अनाधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर बयान देकर पार्टी को तुच्छ लाभ दिलाने के लिए अपने पद की गरिमा गिरा लेते हैं.
प्रधानमंत्री से माफी मांगने का आग्रह करते हुए खेरा ने कहा, "आपने मिसाल कायम की है. संवैधानिक पद के संबंध में आधिकारिक क्या है? आपने संविधान की शपथ ली है. आप अनाधिकारिक स्रोतों से सूचना ग्रहण करते हैं और विपक्ष के नेताओं पर सवाल उठाते हैं."
खेरा ने आरटीआई याचिका का जिक्र करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री द्वारा राजनीतिक अभियान के दौरान भाषण देने के संबंध में जानकारी मांगी गई. जानकारी राजनीतिक मसलों या सरकार से संबंधित नहीं थी. इसलिए प्रधानमंत्री के संबंध में वह विभिन्न अनाधिकारिक या आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने के लिए अधिकृत हैं."
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मोदी से उनके द्वारा मनमोहन सिंह, पूर्व सेना प्रमुख दीपक कूपर और पूर्व विदेश सचिव सलमान हैदर के खिलाफ पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाने का सबूत मांगा.
उन्होंने कहा, "हम पिछले चार साल से देख रहे हैं कि मोदी हर स्तर के चुनाव में अपना धैर्य खो रहे हैं और अजीब तरह की बात करने लगते हैं. इस तरह का ओछा बयान देश ने कभी किसी प्रधानमंत्री के मुंह से नहीं सुनी."
खेरा ने कहा, "वह विश्व के सामने भारत की किस तरह की छवि बना रहे हैं? किसी देश के प्रधानमंत्री के एक-एक शब्द का दुनियाभर में विश्लेषण होता है. उनको देश से माफी मांगनी चाहिए. उनका बयान निम्न स्तर का जुमला था. अगर वह माफी नहीं मांगेंगे तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा होगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2018 11:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

