RK Singh Suspension News: बिहार चुनाव नतीजों के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद आरके सिंह को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है. पार्टी की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि आरके सिंह लगातार ऐसी बयानबाजी कर रहे थे जो पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग थी और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा रही थी.
बिहार चुनाव के बाद बीजेपी ने की बड़ी कार्रवाई
Former Union Minister RK Singh (@RajKSinghIndia) posts, "मैंने पार्टी को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। मेरे द्वारा प्रदेश कार्यालय को भेजे गए पत्र तथा माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा को भेजा गया त्यागपत्र सलंग्न है।" pic.twitter.com/z8zJgndnmD
— Press Trust of India (@PTI_News) November 15, 2025
सस्पेंशन पर आरके सिंह की पहली प्रतिक्रिया
निलंबन के बाद आरके सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें भाजपा बिहार प्रदेश कार्यालय से निलंबन पत्र मिला है. पत्र में उनसे पूछा गया है कि उन्हें पार्टी से निकाला क्यों न जाए, लेकिन यह साफ नहीं किया गया कि आखिर उन्होंने कौन सी पार्टी-विरोधी गतिविधि की है.
उन्होंने सवाल किया कि पत्र में यह भी नहीं लिखा है कि उनके कौन से बयान या काम संगठन के खिलाफ माने गए. सिंह ने कहा कि यदि उन्होंने अपराधी छवि वाले लोगों को टिकट न देने की मांग उठाई थी, तो क्या यह पार्टी-विरोध माना जाएगा.
'अपराधियों को टिकट देना राष्ट्रहित में नहीं'
आरके सिंह ने अपने बयान में साफ कहा कि वह अपराध और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को टिकट दिए जाने का विरोध कर रहे थे. उनके अनुसार ऐसे लोगों को टिकट देना न तो देशहित में है, न सार्वजनिक हित में और न ही पार्टी के लिए अच्छा है.
उन्होंने दावा किया कि उन्होंने सिर्फ वही कहा जो एक जिम्मेदार नेता के रूप में कहना जरूरी था, लेकिन शायद उनकी बात कुछ लोगों को पसंद नहीं आई. सिंह ने बताया कि उन्होंने भाजपा को अपना इस्तीफा भेज दिया है.
चुनाव के दौरान बयान बनी कार्रवाई की वजह
बिहार चुनाव प्रचार के दौरान आरके सिंह ने NDA के कुछ उम्मीदवारों और नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कई मंचों पर कहा था कि "ऐसे लोगों को वोट देने से अच्छा है, चुल्लू भर पानी में डूब मरना." यह बयान सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ था और पार्टी में नाराजगी की लहर पैदा कर गया.
इसी विवाद के बढ़ने के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित किया, जबकि सिंह का कहना है कि उन्होंने सिर्फ गलत तत्वों का विरोध किया है, न कि पार्टी का.













QuickLY