Bihar Election 2025: बिहार की 121 सीटों पर सुबह 9 बजे तक 13% मतदान, जानें इस चुनावी लड़ाई के 10 खास पॉइंट्स
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान हो रहा है, सुबह 9 बजे तक 13% वोटिंग हुई है. (Photo : X)

पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव का महासंग्राम शुरू हो गया है. दो फेज में होने वाले चुनाव का आज पहला दौर है, जिसमें राज्य की 243 में से 121 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं. सुबह 9 बजे तक 13% वोटिंग की खबर है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में NDA एक और कार्यकाल की उम्मीद कर रही है.

आइए जानते हैं इस बड़ी चुनावी लड़ाई के 10 खास पॉइंट्स:

  1. लालू परिवार ने डाला वोट, दिया बड़ा संदेश: आज सुबह-सुबह पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू यादव और राबड़ी यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव और बेटियों राजश्री यादव, मीसा भारती और रोहिणी आचार्य ने अपना वोट डाला. उंगली पर स्याही लगी एक फैमिली फोटो शेयर करते हुए लालू यादव ने पोस्ट किया, "तवे पर रोटी पलटते रहना चाहिए, नहीं तो जल जाएगी. 20 साल बहुत होते हैं. अब युवा सरकार और नए बिहार के लिए, तेजस्वी सरकार बेहद जरूरी है."
  2. NDA में भारी जोश: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वोट डालने के बाद कहा कि NDA भारी बहुमत से सत्ता में आएगी. वहीं, NDA के अहम सहयोगी चिराग पासवान ने कहा कि वह पहले फेज में रिकॉर्ड वोटिंग देखना चाहते हैं.
  3. पीएम मोदी की अपील: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मतदाताओं से "लोकतंत्र के इस त्योहार" में पूरे उत्साह के साथ वोट करने की अपील की है. उन्होंने NDA की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि गठबंधन को इस चुनाव में अभूतपूर्व बहुमत मिलेगा.
  4. विपक्ष का दांव: विपक्षी 'महागठबंधन' (Grand Alliance) सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर (anti-incumbency) और अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव के 'हर घर को नौकरी' के अभूतपूर्व वादे पर भरोसा कर रहा है. 2020 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी RJD ने तेजस्वी की अगुवाई में जबरदस्त प्रचार किया है, जो युवा वोटों को लुभाने की उम्मीद कर रहे हैं.
  5. NDA का हाई-प्रोफाइल प्रचार: बीजेपी ने हमेशा की तरह पीएम मोदी के नेतृत्व में जोरदार प्रचार किया, जिसमें उनके कैबिनेट मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए. हालांकि, NDA के प्रचार पर इस बात की अटकलों का साया रहा कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होगा. ऐसी चर्चा थी कि 74 वर्षीय नीतीश कुमार (जो 6 बार सीएम रह चुके हैं) को इस बार हटाया जा सकता है, क्योंकि उनकी JDU अब बीजेपी से छोटी सहयोगी बन गई है. इस मामले को शांत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी चीफ जेपी नड्डा को आखिरी समय में सफाई देनी पड़ी.
  6. कांग्रेस का 'सुस्त' प्रचार: 2020 में अपने सहयोगी RJD से काफी पीछे रहने वाली कांग्रेस इस बार भी सुस्त प्रचार करती दिखी. हालांकि शुरुआत राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के एक साझा मार्च से अच्छी हुई थी, लेकिन उसके बाद कांग्रेस नेता दो महीने से ज्यादा समय तक गायब दिखे.
  7. 'फ्रेंडली फाइट' से नुकसान का डर: कांग्रेस के सुस्त रवैये का असर सीट-बंटवारे पर भी पड़ा. अब 12 से ज्यादा सीटों पर कांग्रेस और RJD "दोस्ताना मुकाबले" में एक-दूसरे के खिलाफ ही लड़ रहे हैं. इससे NDA विरोधी वोटों के बंटने का खतरा बढ़ गया है.
  8. प्रशांत किशोर बने 'X फैक्टर': अपनी 'जन सुराज' पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरे इलेक्शन स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर को इस मुकाबले का 'X फैक्टर' माना जा रहा है. उनके आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे गैर-बीजेपी वोट बंट जाएगा. किशोर ने कहा है कि उनकी पार्टी को या तो 10 से कम या 150 से ज्यादा सीटें मिलेंगी. उन्होंने यह भी साफ किया है कि वह चुनाव से पहले या बाद में किसी से गठबंधन नहीं करेंगे. जन सुराज राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है और भ्रष्टाचार व जरूरी सेवाओं में गिरावट को मुद्दा बना रही है.
  9. 'रोटी-रोजगार' के मुद्दे: यह पूरा चुनाव बेरोजगारी, पलायन, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों के इर्द-गिर्द घूम रहा है. तेजस्वी यादव के राज्य के हर परिवार को एक सरकारी नौकरी (कुल 1.3 करोड़ नौकरियां) देने के वादे ने इन मुद्दों को और तेज कर दिया है. वहीं, पिछले 20 साल से सत्ता में काबिज NDA का कहना है कि राज्य के पास ऐसी स्कीम के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है. सत्ताधारी गठबंधन ने 1 करोड़ नौकरियों का वादा किया है और साथ ही 1 करोड़ महिला लखपति बनाकर महिलाओं को सशक्त बनाने की उम्मीद जताई है.
  10. 2020 में कौन था भारी: आज जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, वे ज्यादातर मध्य बिहार में पड़ती हैं. 2020 में, महागठबंधन ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी और इन 121 सीटों में से 63 पर जीत हासिल की थी. बीजेपी और नीतीश कुमार की JDU ने मिलकर 55 सीटें जीती थीं.