नीतीश सरकार का बड़ा ऐलान! शिक्षा विभाग के रसोइयों, गार्डों और इंस्ट्रक्टरों की सैलरी हुई दोगुनी

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है. सरकार ने स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों, रात्रि प्रहरियों (नाइट गार्ड) और शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का मानदेय (सैलरी) सीधे दोगुना करने का ऐलान किया है.

इस फैसले का मुख्य उद्देश्य इन कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाना और उनके काम को सम्मान देना है.

किसको कितना फायदा मिलेगा?

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि किसकी सैलरी कितनी बढ़ी है:

  • रसोइया: जो रसोइए स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) बनाते हैं, उनका मानदेय पहले ₹1650 प्रति माह था. अब इसे दोगुना करके ₹3300 प्रति माह कर दिया गया है.
  • रात्रि प्रहरी (नाइट गार्ड): माध्यमिक और उच्च शिक्षा के विद्यालयों की रात में रखवाली करने वाले गार्ड्स को अब ₹5000 की जगह ₹10000 प्रति माह मिलेंगे.
  • शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक: स्कूलों में बच्चों को फिजिकल एजुकेशन और स्वास्थ्य की शिक्षा देने वाले इंस्ट्रक्टरों का मानदेय ₹8000 से बढ़ाकर ₹16000 प्रति माह कर दिया गया है.

इसके अलावा, स्वास्थ्य अनुदेशकों की सैलरी में होने वाली सालाना बढ़ोतरी को भी ₹200 से बढ़ाकर ₹400 कर दिया गया है.

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार नवंबर 2005 से ही बिहार की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि 2005 में शिक्षा का कुल बजट सिर्फ ₹4366 करोड़ था, जो आज बढ़कर ₹77690 करोड़ हो गया है.

उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भर्ती और नए स्कूल बनाने के साथ-साथ रसोइयों, गार्डों और अनुदेशकों जैसे कर्मचारियों ने भी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सरकार का मानना है कि सैलरी बढ़ने से इन कर्मचारियों का हौसला बढ़ेगा और वे और भी ज्यादा लगन और उत्साह के साथ अपना काम करेंगे, जिससे स्कूलों का माहौल और बेहतर होगा.