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Assembly Elections 2018: बस कुछ घंटों में साफ हो जाएगा किसका पलड़ा है भारी और किसे मिलेगी 5 राज्यों की कमान

चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनावों की कल होने वाली मतगणना के तैयारिया पूरी कर ली हैं. पांच राज्य विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना की पूर्व संध्या पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच गहन विचार-विमर्श का दौर चला.

Assembly Elections 2018: बस कुछ घंटों में साफ हो जाएगा किसका पलड़ा है भारी और किसे मिलेगी 5 राज्यों की कमान
वोटिंग मशीन (File Photo)

नई दिल्ली: चुनाव आयोग (Election Commission) ने छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) की कल होने वाली मतगणना के तैयारिया पूरी कर ली हैं. इस बार नतीजे देरी से आ सकते हैं. दरअसल, कांग्रेस (Congress) की मांग पर चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के दौरान हर राउंड के पश्चात परिणाम की जानकारी लिखित में देने की बात स्वीकार कर ली है. वहीं पांच राज्य विधानसभा चुनावों के लिए मतगणना की पूर्व संध्या पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच गहन विचार-विमर्श का दौर चला.

इन चुनावों को 2019 के चुनावों से पहले सेमीफाइनल बताया जा रहा है जिसमें कांग्रेस का कहना है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ मंगलवार को ‘‘स्पष्ट संदेश’’ देंगे. पांच राज्य विधानसभाओं के लिए वोटों की गिनती मंगलवार को सुबह आठ बजे शुरू होगी और दोपहर तक रूझानों का स्पष्ट रूप से पता चल जाएगा.

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एक्जिट पोल के परिणाम को खारिज करते हुए बीजेपी नेताओं ने कहा कि अंतिम परिणामों का इंतजार किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य चुनावों के परिणामों का असर अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों पर नहीं पड़ेगा. एक्जिट पोल के परिणाम में कम से कम चार राज्यों में कांग्रेस के लिए स्पष्ट बहुमत के अनुमान जताए गए हैं.

दूसरी तरफ विपक्षी दलों का हौसला उस समय बढ़ गया जब उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी सत्तारूढ़ राजग गठबंधन से बाहर चली गई. साथ ही अपनी शक्ति दर्शाने के लिए गैर बीजेपी दलों ने एक प्लेटफॉर्म पर आकर अपनी एकजुटता दिखाई.

तेलंगाना में एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव से मिलकर अपना समर्थन व्यक्त किया और कहा कि उन्हें विश्वास है कि टीआरस फिर से सत्ता में लौटेगी जबकि बीजेपी ने भी संभावित समर्थन के संकेत दिए.

बहरहाल कांग्रेस नीत गठबंधन ने उम्मीद जताई कि वह केसीआर को सत्ता से बेदखल करेगी और अगली सरकार बनाएगी. इसने राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से कहा कि अगर किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो इसे एक दल के तौर पर लिया जाना चाहिए.

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी को कम से कम 140 सीटें मिलेंगी और वह बहुमत की सरकार बनाएगी.

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक्जिट पोल में सत्तारूढ़ बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला बताया गया है. तेलंगाना में एक्जिट पोल में टीआरएस और कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन के बीच मुकाबला है. यही मामला मिजोरम का है जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस का मुकाबला मिजो नेशनल फ्रंट से है जबकि बीजेपी अलग मैदान में है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 10, 2018 09:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).