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विधानसभा चुनाव 2019: पीएम मोदी हरियाणा से ज्यादा महाराष्ट्र में करेंगे रैली, क्या शिवसेना से सतर्क रहने की है रणनीति?

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. दोनों राज्यों में 21 अक्टूबर को वोटिंग होगी. नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे. बहरहाल, महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों को देखते हुए पीएम मोदी अगले हफ्ते से चुनावी मोड में आ जाएंगे. बीजेपी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक पीएम मोदी हरियाणा में चार रैलियों को संबोधित करेंगे तो वहीं महाराष्ट्र में नौ जनसभाओं को संबोधित करेंगे.

विधानसभा चुनाव 2019: पीएम मोदी हरियाणा से ज्यादा महाराष्ट्र में करेंगे रैली, क्या शिवसेना से सतर्क रहने की है रणनीति?
उद्धव ठाकरे और पीएम मोदी (Photo Credits: PTI)

महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव (Maharashtra and Haryana Assembly Elections) का बिगुल बज चुका है. दोनों राज्यों में 21 अक्टूबर को वोटिंग होगी. नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे. बहरहाल, महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अगले हफ्ते से चुनावी मोड में आ जाएंगे. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सबसे बड़े स्टार प्रचारक पीएम मोदी हरियाणा में चार रैलियों को संबोधित करेंगे तो वहीं महाराष्ट्र में नौ जनसभाओं को संबोधित करेंगे. हालांकि बीजेपी को दोनों राज्यों में शायद ही कोई चुनौती मिल रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र में उसकी सहयोगी शिवसेना के 'बागी मूड' ने भगवा पार्टी को सतर्क रहने का संकेत दे दिया है.

बता दें कि शिवसेना इस बार महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों में से 124 पर चुनाव लड़ रही है जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी बीजेपी ने 150 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. बाकी सीटें बीजेपी के हिस्से से छोटे दलों के लिए छोड़ी गई हैं. पीएम मोदी महाराष्ट्र में नौ जनसभाएं करेंगे जिनमें से दो 17 अक्टूबर को पुणे और सतारा में होंगे.  इतना ही नहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह महाराष्ट्र में कुल 18 रैलियां और जनसभाएं करेंगे. यह भी पढ़ें- हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: खेमेबाजी में बंटी कांग्रेस और कमजोर INLD से बीजेपी को होगा फायदा, आसान होगी खट्टर की सत्ता में वापसी!

पीएम मोदी 14 अक्टूबर को हरियाणा के वल्लभगढ़, 15 को दादरी और थानेसर, 18 अक्टूबर को हिसार में जनसभाएं करेंगे. जबकि अमित शाह 9 और 14 अक्टूबर को कुल 8 रैलियां करेंगे. बता दें कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सोमवार को कहा कि उनके बेटे के राजनीति में उतरने का यह आशय नहीं है कि वह राजनीति से संन्यास ले रहे हैं.

साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि कोई शिवसैनिक एक दिन महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनेगा. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ को दिये एक साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने 2014 के विधानसभा चुनावों में ‘मोदी लहर’ पर लगाम लगाई थी. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अब इस बहस में जाने का कोई मतलब नहीं है कि उस समय वे बीजेपी से क्यों अलग हुए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2019 04:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).