'आई लव मुहम्मद' और गरबा विवाद पर क्या बोले असदुद्दीन ओवैसी? बिहार चुनाव के लिए RJD को दिया गठबंधन का ऑफर

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार चुनाव के लिए RJD को गठबंधन का प्रस्ताव दिया है और 6 सीटों की मांग की है. उन्होंने साफ किया कि BJP को सत्ता से दूर रखने के लिए वे RJD के साथ आने को तैयार हैं, लेकिन हमेशा इंतजार नहीं कर सकते. ओवैसी ने इस इंटरव्यू में गरबा विवाद से लेकर लद्दाख और 'घुसपैठियों' के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी.

(Photo Credit: X, Formerly Twitter)

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताई है. उन्होंने पुष्टि की है कि उनकी पार्टी के बिहार नेतृत्व ने RJD से संपर्क किया है और अब फैसला लालू यादव और तेजस्वी यादव को करना है कि वे बीजेपी-जेडीयू के खिलाफ मिलकर लड़ना चाहते हैं या नहीं.

एक इंटरव्यू में ओवैसी ने बिहार चुनाव में गठबंधन की संभावनाओं के साथ-साथ गरबा में मुसलमानों के बहिष्कार, "आई लव मुहम्मद" पोस्टर विवाद, अवैध घुसपैठ और लद्दाख में हालिया अशांति जैसे कई मुद्दों पर खुलकर बात की.

RJD को ऑफर, कहा - 'हमेशा इंतज़ार नहीं करेंगे'

गठबंधन के सवाल पर हैदराबाद के सांसद ने कहा कि अभी इस पर बात करना जल्दबाजी होगी, लेकिन उन्होंने यह साफ किया कि AIMIM ने RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चिट्ठी लिखी है. हालांकि, कांग्रेस से अभी कोई बात नहीं हुई है. उन्होंने कहा, "हमारे दरवाज़े बंद नहीं हैं, लेकिन हम हमेशा इंतज़ार नहीं कर सकते."

पिछले चुनाव में ओवैसी की पार्टी ने राज्य के सीमांचल क्षेत्र में पांच सीटें जीती थीं. बाद में RJD ने उनके चार विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था. इस पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा, "हमारे बिहार प्रमुख अख्तरुल इमान ने लालू जी को चिट्ठी लिखकर इस बात पर ज़ोर दिया कि बिहार में बीजेपी की सत्ता में वापसी नहीं होनी चाहिए. हमने बड़े हित में, धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने के लिए गठबंधन की पेशकश की, भले ही आपकी पार्टी (RJD) ने हमारे चार विधायक चुरा लिए."

ओवैसी ने बताया कि AIMIM ने RJD से छह सीटों की मांग की है. उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर वे जीतते हैं, तो उन्हें कोई मंत्री पद नहीं चाहिए, बल्कि वे सीमांचल विकास बोर्ड का गठन चाहते हैं.

'आई लव मुहम्मद' और गरबा विवाद पर क्या बोले?

हाल ही में "आई लव मुहम्मद" पोस्टरों पर हुए विवाद पर भी ओवैसी ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा, "अगर कोई कहता है 'आई लव यू', तो इसमें क्या समस्या है? 'लव' लिखने में क्या दिक्कत है? आप इससे दुनिया भर के मुस्लिम देशों को क्या संदेश देना चाहते हैं?" उन्होंने "आई लव महादेव" के नारों का भी समर्थन करते हुए कहा, "यह भी होना चाहिए, यह उनकी आस्था है. ये सब मुसलमानों का सामाजिक रूप से बहिष्कार करने का एक तरीका है."

उन्होंने गरबा आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक को भी सामाजिक बहिष्कार का एक रूप बताया.

'घुसपैठियों' वाले तंज पर बीजेपी को घेरा

बीजेपी के 'घुसपैठियों' वाले तंज पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि केंद्र में 11 साल से बीजेपी की सरकार है, और अगर सीमांचल में 'घुसपैठिए' हैं तो यह उनकी ज़िम्मेदारी है. उन्होंने कहा, "आप 11 साल से सत्ता में हैं. हर जगह BSF है. अगर घुसपैठिए आए हैं, तो इसके लिए आप ज़िम्मेदार हैं."

लद्दाख के लोगों के साथ खड़े हैं ओवैसी

लद्दाख में सोनम वांगचुक के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन पर ओवैसी ने कहा कि यह तो होना ही था. उन्होंने कहा, "आपने लद्दाख के लोगों को दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया. यह गुस्सा सोनम वांगचुक पर नहीं है, यह तो दीवार पर लिखी इबारत थी. मैं लद्दाख के लोगों के साथ खड़ा हूं."

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