भीड़ हत्या पर रोक के लिये नया कानून लाने के केंद्र के नजरिये की असदुद्दीन ओवैसी ने की आलोचना
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन नेता ने ट्वीट किया,“मेरे विधेयक में भीड़ हिंसा को रोकने के लिए मौजूदा व्यवस्था में सुधार करके स्वतंत्र जांच और मुकदमा चलाना प्रस्तावित था। जब तक गलती करने वाले पुलिसकर्मी और आरोपी समय सीमा के अंदर दंडित नहीं होते हैं, तब तक भीड़ हिंसा नहीं रुकेगी. ये रॉकेट साइंस नहीं है अमित शाह।”
हैदराबाद. भीड़ हिंसा पर लगाम लगाने के लिये नये कानून के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार के रवैये से एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM Asaduddin Owaisi) सोमवार को खुश नहीं दिखे. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन नेता ने ट्वीट किया,“मेरे विधेयक में भीड़ हिंसा को रोकने के लिए मौजूदा व्यवस्था में सुधार करके स्वतंत्र जांच और मुकदमा चलाना प्रस्तावित था.
उन्होंने आगे कहा कि जब तक गलती करने वाले पुलिसकर्मी और आरोपी समय सीमा के अंदर दंडित नहीं होते हैं, तब तक भीड़ हिंसा नहीं रुकेगी. ये रॉकेट साइंस नहीं है अमित शाह.”
The Bill I’d proposed to curb mob violence sought to fix shoddy enforcement by ensuring independent investigation & prosecution
Unless errant cops are penalised & accused are imprisoned in a time-bound manner, the mob will only feel emboldened
It’s not rocket science @AmitShah https://t.co/z6KpjfWwf8
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) August 26, 2019
हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने मीडिया में आई खबरों का जिक्र किया जिनमें अधिकारियों को उद्धृत करते हुए कहा गया है कि भीड़ हिंसा पर लगाम लगाने के लिये नये कानून की जरूरत नहीं है क्योंकि मौजूदा कानून भीड़ हिंसा जैसे अपराध से निपटने के लिये पर्याप्त हैं। इन्हें “लागू” किये जाने की जरूरत है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2019 06:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

