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COVID-19 के बाद भारत को अगला विनिर्माण केंद्र बनाने की योजना: अनुराग ठाकुर

केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को कहा कि सरकार कोविड-19 के प्रकोप के बाद भारत को अगला विनिर्माण केंद्र बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार देश को पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने के लिए श्रम कानूनों को मजबूत कर रही है.

COVID-19 के बाद भारत को अगला विनिर्माण केंद्र बनाने की योजना: अनुराग ठाकुर
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Photo Credit-ANI)

हैदराबाद, 26 अप्रैल: केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने शनिवार को कहा कि सरकार कोविड-19 (Covid-19) के प्रकोप के बाद भारत को अगला विनिर्माण केंद्र बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि सरकार देश को पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाने के लिए श्रम कानूनों को मजबूत कर रही है. ठाकुर फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफटीसीसीआई) के सदस्यों और राज्य के उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत कर रहे थे.

आयोजकों के एक बयान में ठाकुर के हवाले से कहा गया, "भारत अब तक कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में सफल रहा है. देश दुनिया भर की कंपनियों को अपनी व्यापार नीति से आकर्षित करने के लिए तैयार है."

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मंत्री ने कहा कि सरकार ने भारत के लोगों की सक्रिय प्रतिबद्धता के साथ कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सकारात्मक पुनरुद्धार को ध्यान में रखते हुए कई और उपाय भी किए हैं.

ठाकुर ने कहा, "हम कोविड-19 के बाद इस देश को अगला विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. श्रम कानूनों का समेकन व अनुपालन में कमी हमारे देश को निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगह बनाती हैं. कोविड-19 ने हमें एक चुनौती के साथ ही अवसर भी प्रदान किए हैं."

इस दौरान एफटीसीसीआई के अध्यक्ष करुणेंद्र एस. जस्ति ने कहा कि कोविड-19 छोटे व्यवसायों के लिए काफी मुसीबतें लेकर आया है, जो भारत में 60 फीसदी से अधिक कर्मचारियों को रोजगार देते हैं. उन्होंने देश में पहले 21 दिनों इसके बाद 19 दिनों के राष्ट्रव्यापी बंद की घोषणा को सही कदम बताया.

उन्होंने इस वायरस को नियंत्रित करने के लिए सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा सरकार से चरमराई हुई अर्थव्यवस्था के खिलाफ इसी तरह की लड़ाई छेड़ने और औद्योगिक एवं व्यापारिक संस्थाओं के बचाव में आने का अनुरोध किया.

उन्होंने कहा कि पहले से घोषित राजकोषीय पैकेज जैसे कि सस्ता ऋण और अन्य उपाय न्यूनतम राहत तो प्रदान करेंगे मगर वास्तव में इस पीड़ा को कम नहीं किया जा सकता है. ठाकुर ने उम्मीद जताई कि संकट में घिरी एमएसएमई और अन्य व्यवसायों के लिए आने वाले कई महीने बड़े कठिन गुजरने वाले हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2020 10:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).