अमेरिका के दिग्गज सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, ट्रंप ने जताया शोक
अमेरिका के जाने माने रिपब्लिकन नेता और सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 साल की उम्र में निधन हो गया है.
अमेरिका के जाने माने रिपब्लिकन नेता और सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 साल की उम्र में निधन हो गया है. वे एक समय पर डॉनल्ड ट्रंप के कट्टर आलोचक थे, लेकिन बाद में उनके सबसे करीबी सहयोगियों में से एक बन गए.लिंडसे ग्राहम के ऑफिस ने रविवार सुबह एक्स पर जानकारी दी कि एक छोटी और अचानक आई बीमारी के बाद उनका निधन हो गया है. हालांकि, अमेरिकी चैनल एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार रात को उनके कैपिटोल हिल स्थित घर पर इमरजेंसी मेडिकल टीम को बुलाया गया था, क्योंकि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था.
जैसे ही ग्राहम के निधन की खबर आई, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "सीनेटर लिंडसे ग्राहम, जिन्हें मैं अब तक मिले सबसे बेहतरीन लोगों और सीनेटरों में से एक मानता हूं, उनका निधन हो गया है! वह हमेशा काम में लगे रहते थे और एक सच्चे अमेरिकी देशभक्त थे. लिंडसे की बहुत याद आएगी!!!"
कभी थे आलोचक, फिर बने पक्के दोस्त
दिलचस्प बात यह है कि 2016 के चुनाव प्रचार के दौरान ग्राहम, ट्रंप के मुखर आलोचकों में से एक थे. उस समय उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, "अगर हम ट्रंप को उम्मीदवार बनाते हैं, तो हम बर्बाद हो जाएंगे... और हम इसी लायक होंगे."
लेकिन जब ट्रंप राष्ट्रपति बने, तो अमेरिकी संसद में ग्राहम उनके सबसे वफादार और अहम समर्थकों में से एक बन गए.
हालांकि, ऐसा भी नहीं था कि वे हर बात पर सहमत होते थे. 2025 की शुरुआत में जब ट्रंप ने 6 जनवरी, 2021 को अमेरिकी संसद पर हमला करने वाले अपने करीब 1,500 समर्थकों को माफ करने का फैसला किया, तो ग्राहम ने खुलेआम इसका विरोध किया था. उनका कहना था कि इस फैसले से आगे और ज्यादा हिंसा भड़क सकती है.
इस्राएल और यूक्रेन के मजबूत समर्थक
लिंडसे ग्राहम को अमेरिकी रक्षा नीतियों का एक सख्त पैरोकार माना जाता था. उनकी अपनी वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने हमेशा ऐसी नीतियों का समर्थन किया जो अमेरिका की लंबी अवधि की सुरक्षा को मजबूत करें. वे इस्राएल और यूक्रेन के मजबूत समर्थक थे और ईरान के सख्त खिलाफ थे.
उनके निधन पर इस्राएल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इस्राएल काट्ज ने गहरा दुख जताया है. नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, "इस्राएल ने अपना सबसे बड़ा दोस्त खो दिया है. अमेरिका ने एक महान देशभक्त खो दिया है. और मैंने अपना एक प्यारा दोस्त खो दिया है. लिंडसे समझते थे कि इस्राएल और अमेरिका की सुरक्षा एक दूसरे से अलग नहीं है."
निधन से ठीक एक दिन पहले, शुक्रवार को ग्राहम यूक्रेन की राजधानी कीव में थे. वहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी. जेलेंस्की ने बताया कि दोनों के बीच यूक्रेन के एयर डिफेंस की जरूरतों और रूस पर नए प्रतिबंधों के बिल को लेकर चर्चा हुई थी.
कीव के सेंट माइकल स्क्वायर में ग्राहम ने पत्रकारों से बात करते हुए एक अहम बयान दिया था. उनका मानना था कि रूस और यूक्रेन के बीच शांति लाने में चीन एक बड़ा रोल निभा सकता है. उन्होंने कहा, "इस युद्ध को खत्म करने और शांति का रास्ता वॉशिंगटन, कीव या मॉस्को से ज्यादा बीजिंग से होकर गुजरता है. चीन का बहुत बड़ा प्रभाव है. मैं चाहूंगा कि वे दुनिया की भलाई के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें."
कैसा रहा सियासी सफर
ग्राहम ने कभी शादी नहीं की थी और वे साउथ कैरोलिना के सेनेका शहर में रहते थे. सियासत में आने से पहले वे एयरफोर्स में वकील रह चुके थे. 1994 में वे पहली बार अमेरिकी संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' के लिए चुने गए थे. इसके बाद 2002 में वे सीनेट पहुंचे.
अपने लंबे करियर में वे सीनेट की बजट कमेटी के चेयरमैन रहने के अलावा विनियोग, न्यायपालिका और पर्यावरण एवं लोक निर्माण जैसी कई अहम सीनेट कमेटियों के सदस्य भी रहे थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2026 05:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

