राजनीति

पीएम मोदी ने कहा, 'गाली देने वाले छात्रों को माफ करना चाहता हूं'

भारत में पेपर लीक के मुद्दे पर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह उन छात्रों को माफ करना चाहते हैं जिन्होंने उन्हें गालियां दी थीं.

पीएम मोदी ने कहा, 'गाली देने वाले छात्रों को माफ करना चाहता हूं'
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत में पेपर लीक के मुद्दे पर हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह उन छात्रों को माफ करना चाहते हैं जिन्होंने उन्हें गालियां दी थीं.भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पिछले महीने अपने कार्यकाल के सबसे बड़े सियासी संकट से गुजरना पड़ा. दरअसल राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के पेपर लीक होने की वजह से लाखों छात्रों को दोबारा परीक्षाएं देनी पड़ीं थी. इसके बाद देश भर में युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर विरोध प्रदर्शन हुए.

इन प्रदर्शनों के दौरान कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द भी कहे थे. अब शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में पीएम मोदी ने अपनी बात रखी है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि वह युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए वीडियो में कहा, "ये भटके हुए बच्चे हैं. उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा फर्ज है. उन्हें सजा देने, अदालतों के चक्कर लगवाने या समाज में उन्हें प्रताड़ित करने से हालात नहीं बदलेंगे. मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि समाज भी मेरे इस रुख को स्वीकार करेगा."

पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जवानी में हुई गलतियों को पुलिस केस या कानूनी कार्रवाई के बजाय सही मार्गदर्शन के जरिए सुधारा जाना चाहिए.

'मेरी मां को भी दी गईं गालियां'

नई दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुई थीं. संसद की तरफ मार्च कर रहे लोगों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे और लाठीचार्ज भी किया था. वायरल हुए कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री को गालियां देते भी नजर आए थे.

इस पर दुख जताते हुए पीएम मोदी ने कहा, "देश और दुनिया ने देखा कि जंतर मंतर पर क्या हुआ. कुछ शरारती युवाओं ने भद्दी गालियां दीं. ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया जो सभ्य समाज का हिस्सा नहीं हैं. यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि मेरी दिवंगत मां के लिए भी था... मैं उन्हें माफ करना चाहता हूं."

स्थानीय मीडिया के अनुसार, वीडियो में नजर आ रहे इन प्रदर्शनकारियों को मोदी समर्थकों द्वारा ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है और उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज की गई हैं. पुलिस ने मेटा और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए भी कहा है.

कैसे शुरू हुआ था यह बवाल?

पिछले महीने इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत मुख्य रूप से पेपर लीक को लेकर हुए गुस्से से हुई थी. लेकिन धीरे धीरे यह बेरोजगारी और सरकार के कामकाज को लेकर युवाओं की हताशा का एक बड़ा मंच बन गया.

लगातार बढ़ते दबाव के कारण पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. सरकार ने छात्रों की सभी मांगें मान लीं, जिनमें परीक्षा प्रणाली में सुधार और दर्ज किए गए पुलिस केस वापस लेना शामिल था. इसके अलावा, पेपर लीक में शामिल लोगों पर भारी जुर्माना लगाने और लंबी जेल की सजा का प्रावधान करने के लिए सरकार ने संसद में एक बिल पास करा लिया है.

इन बड़े प्रदर्शनों का मुख्य रूप से 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) नाम के एक संगठन ने नेतृत्व किया था. इस ग्रुप ने नई दिल्ली और अन्य शहरों में भीड़ जुटाने के लिए सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल किया.

मई में बनी सीजेपी के इंस्टाग्राम पर 2.6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जबकि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के केवल 96 लाख फॉलोअर्स हैं. विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से पीएम मोदी भी युवाओं से सीधे जुड़ने के लिए इंस्टाग्राम का काफी इस्तेमाल कर रहे हैं.

हालांकि, सीजेपी ने सोमवार को दावा किया कि सरकार के पुलिस केस वापस लेने के वादे के बावजूद, कई राज्यों में अभी भी सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 01, 2026 03:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).