PM Mudra Yojana: पीएम मोदी ने मुद्रा योजना के लाभार्थियों से की बात, बोले- सपने हकीकत में बदल गए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया और देश भर से मुद्रा लाभार्थियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया. एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लाभार्थियों ने उनके साथ कुछ रोचक जानकारियां साझा की कि किस प्रकार इस योजना ने उनके जीवन में बदलाव ला दिया है.
नई दिल्ली, 8 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया और देश भर से मुद्रा लाभार्थियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया. एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लाभार्थियों ने उनके साथ कुछ रोचक जानकारियां साझा की कि किस प्रकार इस योजना ने उनके जीवन में बदलाव ला दिया है. प्रधानमंत्री ने एक 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "मुद्रा के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मैंने पूरे भारत से मुद्रा लाभार्थियों को अपने आवास पर आमंत्रित किया था. उन्होंने इस योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में रोचक जानकारी साझा की."
बातचीत के दौरान केरल के एक उद्यमी, जो संयुक्त अरब अमीरात में काम कर रहे थे, ने बताया कि किस प्रकार मुद्रा योजना से उन्हें लाभ मिला है. उन्होंने कहा कि इससे वे एक सफल उद्यमी बन गए हैं. केरल के मूल निवासी ने यह भी माना कि इस योजना से उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिला है, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इससे रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं. योजना के एक अन्य लाभार्थी, मध्य प्रदेश के भोपाल के लवकुश मेहरा ने बताया कि पहले वह किसी के लिए काम करते थे, लेकिन बाद में मुद्रा ऋण की मदद से उन्होंने अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया. उन्होंने यह भी बताया कि पहले साल उनका टर्नओवर 12 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 50 लाख रुपये से अधिक हो गया है. यह भी पढ़ें : सक्सेना की मानहानि के मामले में दिल्ली की अदालत ने कहा कि पाटकर एक साल की परीवीक्षा में रहेंगी
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, "देश की जनता को बिना किसी गारंटी के 33 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं. आप अखबार में पढ़ते हैं कि यह अमीरों की सरकार है. अगर आप सभी अमीरों का जोड़ भी दें तो भी उन्हें 33 लाख रुपए नहीं मिले होंगे. मुद्रा योजना में सबसे अधिक संख्या में महिलाएं आगे आई हैं. महिलाओं ने सबसे अधिक ऋण के लिए आवेदन किया है, सबसे अधिक ऋण प्राप्त किए हैं और उन्हें चुकाने में भी सबसे तेज हैं."
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "देश के सामान्य लोगों को 33 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं. आज भारत के युवा, उनके पास जो उद्यमशीलता का हुनर है, अगर उन्हें थोड़ी सी मदद मिल जाए तो बहुत बड़े नतीजे मिलते हैं. यह मुद्रा योजना किसी भी सरकार के लिए आंख खोलने वाली है. यह योजना मेरे देश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का साहस देने के लिए है. इसमें सबसे ज्यादा संख्या में महिलाएं आगे आई हैं." यूपी के रायबरेली के एक लाभार्थी ने कहा, "हम आपसे वादा करते हैं कि हम मिलकर भारत को एक विकसित भारत बनाएंगे. अब हमें सरकार से लाइसेंस लेने में कोई परेशानी नहीं है. मैं एक बेकरी चलाता हूं. मेरा मासिक टर्नओवर 2.5 से 3 लाख रुपये है और हमारे पास 7 से 8 लोगों का स्टाफ है."
मध्य प्रदेश के भोपाल के एक लाभार्थी लवकुश मेहरा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने 2021 में अपना व्यवसाय शुरू किया और आज वे 50 लाख रुपये कमा रहे हैं. मेहरा ने कहा, "पहले मैं किसी के लिए काम करता था, लेकिन आपने मुद्रा लोन के जरिए हमारी गारंटी ली और आज हम खुद मालिक बन गए हैं. मैंने 2021 में अपना व्यवसाय शुरू किया और मैंने बैंक से संपर्क किया, उन्होंने मुझे 5 लाख रुपये की ऋण सीमा दी. मुझे डर था कि मैं पहली बार इतना बड़ा ऋण ले रहा हूं और मैं इसे चुका पाऊंगा या नहीं. आज मेरा मुद्रा ऋण 5 लाख रुपये से बढ़कर 9.5 लाख रुपये हो गया है. और मेरा पहले साल का टर्नओवर 12 लाख रुपये था, जो अब 50 लाख रुपये से अधिक हो गया है."
भारत में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के दस साल पूरे होने पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना ने अनगिनत लोगों को अपने उद्यमशीलता कौशल का प्रदर्शन करने और अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने का अवसर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि मुद्रा लाभार्थियों में से आधे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों से हैं.
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "यह विशेष रूप से उत्साहजनक है कि मुद्रा लाभार्थियों में से आधे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदायों से हैं, और 70% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं. प्रत्येक मुद्रा ऋण अपने साथ सम्मान, आत्म-सम्मान और अवसर लेकर आता है. वित्तीय समावेशन के अलावा, इस योजना ने सामाजिक समावेशन और आर्थिक स्वतंत्रता भी सुनिश्चित की है." योजना के दस वर्षों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई सपने हकीकत में बदल गए हैं.
पीएम मोदी ने 'एक्स' पर लिखा, "आज, जब हम मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे कर रहे हैं, मैं उन सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं, जिनके जीवन में इस योजना की बदौलत बदलाव आया है. इस दशक में, मुद्रा योजना ने कई सपनों को हकीकत में बदला है, और उन लोगों को सशक्त बनाया है, जिन्हें पहले वित्तीय सहायता नहीं मिल पाई थी. यह दर्शाता है कि भारत के लोगों के लिए कुछ भी असंभव नहीं है." उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना ने असंख्य लोगों को अपनी उद्यमशीलता कौशल दिखाने का अवसर दिया है.
पीएमएमवाई प्रधानमंत्री मोदी का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य वित्तपोषित न हुए सूक्ष्म उद्यमों और छोटे व्यवसायों को वित्तपोषित करना है. मुद्रा के अंतर्गत पीएमएमवाई की स्थापना सूक्ष्म इकाइयों से संबंधित विकास एवं पुनर्वित्त गतिविधियों के लिए केंद्र द्वारा की गई थी. अप्रैल 2015 में लॉन्च होने के बाद से, पीएमएमवाई ने 32.61 लाख करोड़ रुपये के 52 करोड़ से अधिक लोन स्वीकृत किए हैं, जिससे देश भर में उद्यमिता क्रांति को बढ़ावा मिला है. व्यापार वृद्धि अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है, यह छोटे शहरों और गांवों तक फैल रही है, जहां पहली बार उद्यमी अपने भाग्य की बागडोर संभाल रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 08, 2025 02:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

