पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के 22 वरिष्ठ भाजपा नेताओं से करेंगे मुलाकात, संगठनात्मक मजबूती पर रहेगा फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को छत्तीसगढ़ के 22 वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ एक अहम बैठक करेंगे. यह बैठक राज्य में पार्टी के नेतृत्व और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. यह बातचीत उन नेताओं के साथ होगी जिन्होंने वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी के साथ संगठनात्मक या प्रशासनिक स्तर पर कार्य किया है.

नई दिल्ली, 19 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को छत्तीसगढ़ के 22 वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ एक अहम बैठक करेंगे. यह बैठक राज्य में पार्टी के नेतृत्व और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. यह बातचीत उन नेताओं के साथ होगी जिन्होंने वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी के साथ संगठनात्मक या प्रशासनिक स्तर पर कार्य किया है.

बैठक में छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख नेता शामिल होंगे, जिनमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रमुख हैं. वे पूर्व में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. उनके साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी बैठक में शामिल होंगे, जो तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पार्टी की रणनीति गढ़ने में अहम भूमिका निभा चुके हैं. अन्य प्रमुख नेताओं में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वर्तमान भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और अमर अग्रवाल शामिल हैं.इसके अलावा, पूर्व सांसद अशोक शर्मा, पूर्व सांसद चंद्रशेखर साहू, वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने और पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल भी इस संवाद का हिस्सा होंगे. यह भी पढ़ें :Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने सेक्सटॉर्शन रैकेट का किया पर्दाफाश, 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और विकासात्मक खाके की समीक्षा करना है, विशेष रूप से हालिया चुनावी प्रदर्शन और राज्य की बदलती राजनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए. प्रधानमंत्री मोदी नेताओं से फीडबैक लेंगे और पार्टी की आगामी रणनीतियों के लिए मार्गदर्शन भी देंगे, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए भाजपा अपनी स्थिति और मजबूत कर सके. यह बैठक क्षेत्रीय नेतृत्व को सक्रिय करने, जनता से सीधा जुड़ाव बढ़ाने और अनुभवी नेतृत्व के जरिए सुशासन सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगी. साथ ही, बैठक में संगठनात्मक मजबूती, जनकल्याणकारी योजनाओं और राज्य व केंद्र सरकार के विजन को एक दिशा में समन्वित करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है.

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