Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर आम लोगों से मिलने के लिए PM मोदी ने दरकिनार किया प्रोटोकॉल (Watch Video)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रोटोकॉल से हटकर लोगों से मिलने की अपनी परंपरा निभाई है. 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी प्रोटोकॉल से अलग हटकर कर्तव्य पथ पर काफी दूर तक पैदल चले.
Republic Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक बार फिर गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रोटोकॉल से हटकर लोगों से मिलने की अपनी परंपरा निभाई है. 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी प्रोटोकॉल से अलग हटकर कर्तव्य पथ पर काफी दूर तक पैदल चले. यहां इस दौरान उन्होंने दर्शक दीर्घाओं में बैठे उत्साही लोगों का अभिवादन स्वीकार किया.
वहीं, इस तरह प्रधानमंत्री को अपने बीच पाकर यहां बैठे लोग भी काफी उत्साही दिखाई दिए. हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. पीएम मोदी को देखने के लिए कई बच्चे कुर्सियों पर चढ़कर मुस्कुराते हुए प्रधानमंत्री की एक झलक पाने को आतुर दिखे। प्रधानमंत्री ने भी इस दौरान हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया. इस पर यहां मौजूद लोगों ने तालियों और जयघोष से उनका स्वागत किया. यह भी पढ़े: Republic Day 2026: ऊंट, टट्टू, रैप्टर्स और आर्मी डॉग्स, गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सेना की अनदेखी ताकत
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#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi greets the people who arrived at Kartavya Path to watch the 77th #RepublicDay🇮🇳 Parade
(Source: DD News) pic.twitter.com/1rWlqLCVYS
— ANI (@ANI) January 26, 2026
इसके बाद प्रधानमंत्री अपनी कार में सवार हुए और कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ते हुए लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा में मौजूद लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए. प्रधानमंत्री ने कर्तव्य पथ के दूसरे हिस्से में भी जाकर लोगों से मुलाकात की, जहां उत्साहित नागरिकों ने इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में भी कैद किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर पारंपरिक लाल रंग की पगड़ी पहनी थी, जिस पर सुनहरे रंग की आकृति वाली छाप बनी थी. गणतंत्र दिवस पर विशिष्ट पगड़ी पहनना प्रधानमंत्री की एक पहचान बन चुकी है.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2015 से लगातार गणतंत्र दिवस के बाद प्रोटोकॉल तोड़कर आम जनता से सीधे संवाद करते आ रहे हैं. इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के दौरे से हुई. यहां उन्होंने माल्यार्पण करके अपने प्राण न्योछावर करने वाले राष्ट्र नायकों को श्रद्धांजलि दी.
वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के साथ ‘पारंपरिक बग्गी’ में कर्तव्य पथ पर आईं. उनके साथ राष्ट्रपति के अंगरक्षक थे जो भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कर्तव्य पथ से गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया. इस दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं.
कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष, भारत की अभूतपूर्व प्रगति, मजबूत सैन्य शक्ति, व समृद्ध सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली. परंपरा के अनुसार कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद 105 एमएम लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी गई। यह देश में बना तोपखाना हथियार सिस्टम है.
वहीं पहले 21 तोपों की सलामी के लिए ब्रिटिश काल की 25 पाउंडर तोपों का इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि अब बीते कुछ समय से 172 फील्ड रेजिमेंट की 1721 सेरेमोनियल बैटरी 21 तोपों की सलामी दे रही है। परेड में सेना की जबरदस्त मारक क्षमता का परिचय भी मिला। यहां टी-90 भीष्म और अर्जुन टैंक प्रदर्शित किए गए। बीएमपी-2 सारथ और मिसाइल सिस्टम, ध्रुव, रुद्र, अपाचे और प्रचंड हेलीकॉप्टर, आकाश, एमआरएसएएम और ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम भी गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बने हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 26, 2026 01:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

