माता वैष्णों देवी के दरबार में भक्तों ने दो साल में दान किये 40 लाख रुपये, जो नोटबंदी में हो चुके है बैन!
देश में नोटबंदी के बाद बैन हो चुके नोट भले ही बाजारों में नहीं चल रहें है. लेकिन माता वैष्णों देवी के दरबार में भक्तगढ़ इन नोटों को अभी भी दान के रूप में चढ़ा रहें है. इस मंदिर में पिछले दो साल में करीब चालीस लाख के बैन हो चुकें नोटों को चढ़ाया गया है.
श्रीनगर: देश में नोटबंदी के बाद बैन हो चुके नोट भले ही बाजारों में नहीं चल रहे हैं. लेकिन माता वैष्णों देवी (Vaishno Devi) के दरबार में भक्तगण इन नोटों को अभी भी दान के रूप में चढ़ा रहे हैं. इस मंदिर में पिछले दो साल में करीब चालीस लाख के बैन हो चुके नोटों को दान किया गया है. वहीं इसके पहले नोटबंदी के इन नोटों को 9 नवंबर 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक दान के रूप में भक्तों ने 1 करोड़ 90 लाख रूपया का दान किया था.
मंदिर ट्रस्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार माता वैष्णों देवी मंदिर को 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2018 तक चालीस लाख रुपये के पुराने नोट दान के तौर पर प्राप्त हुए. यह भी पढ़े: पुण्यतिथि विशेष: साईं बाबा ने महा समाधि से पहले भक्तों को दिया था ये वचन, आज भी होता है चमत्कार
मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिमरनदीप सिंह (Simrandeep Singh) का कहना है कि इन नोटों को RBI के पास जमा करने के लिए ट्रस्ट ने संपर्क किया. लेकिन RBI ने इन्हें लेने से मना कर दिया. जिसके बाद मंदिर के ट्रस्ट को इन नोटों को खुद से डिस्पोज करना पड़ रहा है. यह भी पढ़े: शिरडी: साईं दरबार में महज 4 दिनों में आया करोड़ों का दान, रुपए गिनने में छूटे स्टाफ के पसीने
बता दें कि वैष्णों देवी में साल 2018 में कुल 1.64 करोड़ रूपये दान के रूप में मिले. यह राशि भक्तों ने दानपेटी में डाले थे. वहीं 31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 के बीच मंदिर में करीब 1 करोड़ रुपए का चढ़ावा चढ़ाया गया. जबकि मंदिर प्रशासन को जनवरी से दिसंबर 2017 तक कुल 154 करोड़ रूपये बतौर दान के रूप में मिले.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 02, 2019 10:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

