पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड व्यवस्था ठीक करने के लिए 899.22 करोड़ रुपए खर्च करेगा
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मेरठ डिस्कॉम के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली वितरण बुनियादी ढांचे के पूर्ण सुधार के लिए 899.22 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इससे उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति प्रदान की जा सकेगी.
मेरठ, 5 जनवरी : पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मेरठ डिस्कॉम के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली वितरण बुनियादी ढांचे के पूर्ण सुधार के लिए 899.22 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इससे उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति प्रदान की जा सकेगी. पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) मेरठ की प्रबंध निदेशक चैत्रा वी. ने बताया कि बिजली की आपूर्ति के लिए वितरण क्षेत्र में सभी आपूर्ति बाधाओं को दूर करने के लिए और लो-वोल्टेज की स्थिति सुधारने, ट्रांसफार्मरों की क्षतिग्रस्तता में कमी लाने की योजनाओं पर काम किया जा रहा है.
899.22 करोड़ रुपए की योजनाओं से पूरी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा. इस योजना में बिजली विभाग की परिचालन दक्षता में सुधार, अधिक वित्तीय व्यवहार्यता लाने, चोरी और बिजली के व्यवधान को रोकने के लिए एलटी एबी केबिल बिछाए गए. इन सभी कदमों से बिजली व्यवस्था-उत्पादन, पारेषण, वितरण और नए विद्युत कनेक्शन देने में मजबूती मिलेगी. विद्युत दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी. यह भी पढ़ें : Bengal Ration Case: टीएमसी नेता के घर छापेमारी कर रही ED टीम पर हमला, कारों के शीशे तोड़े
बिजली विभाग ने बिजली वितरण में गुणात्मक सुधार के लिए बिजनेस प्लान में 899.22 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं. इस धनराशि से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मेरठ के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है. अब तक नौ 33/11 केवी सबस्टेशनों पर कैपेसिटर बैंक स्थापित किए गए हैं, जो विभिन्न क्षमता के 466 नए ट्रांसफार्मरों की स्थापना, विभिन्न क्षमता के 3201 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि, 214 बिजलीघरों के जर्जर तार, पोल आदि को बदल दिया गया है. बिजनेस प्लान में स्वीकृत किए गए कार्यों को पूरा करने के युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है. चैत्रा वी. ने बताया कि इन सब कार्यों के पूर्ण हो जाने के पश्चात् डिस्कॉम के सभी 14 जिलो में उपभोक्ताओं को बिजली वितरण में गुणात्मक सुधार आएगा. उपभोक्ताओं को अनवरत विद्युत आपूर्ति संभव हो सकेगी.
योजना के अन्तर्गत अब तक अधिक लाईन हानियों वाले क्षेत्रों में 5906.32 सर्किट किलोमीटर एलटी एबी केबिल लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. 25.86 सर्किट किलोमीटर 33 केवी जर्जर तारों को बदला गया है. 993.53 सर्किट किलोमीटर 11 केवी तारों को बदला गया है. कृषि फीडरों को अलग करने के लिए नए पोल लगाकर, 857.66 सर्किट किलोमीटर 11केवी फीडर्स पर तार लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. किसानों को कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं को सतत विद्युत आपूर्ति के लिए फीडर विभक्तीकरण योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू और कृषि पम्प के लिए अलग सप्लाई के लिए नए पोल लगाकर 167.82 सर्किट किलोमीटर 11 केवी पर नए तार लगाए गए हैं. 14 ट्रांसफार्मर 25 केवीए, 14 ट्रांसफार्मर 63 केवीए, 4 ट्रांसफार्मर 100 केवीए एवं 119136 विद्युत पोल बदलने का कार्य किया जा चुका है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 05, 2024 01:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

