Panchkula: सगे मामा ने किया 13 वर्षीय भांजी से दुष्कर्म, पेट दर्द के बाद डॉक्टरों ने की गर्भावस्था की पुष्टि; आरोपी गिरफ्तार
हरियाणा के पंचकूला में रिश्तों को कलंकित करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक सगे मामा पर अपनी 13 वर्षीय नाबालिग भांजी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है. यह पूरी घटना तब उजागर हुई जब पीड़िता को तेज पेट दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
- Read in
- English
पंचकूला: हरियाणा (Haryana) के पंचकूला (Panchkula) जिले से पारिवारिक रिश्तों को तार-तार करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां पुलिस ने अपनी ही 13 वर्षीय नाबालिग भांजी (Minor Niece) के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में उसके सगे मामा को गिरफ्तार किया है. यह सनसनीखेज मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़िता को पेट में असहनीय दर्द की शिकायत के बाद चिकित्सीय देखरेख के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि नाबालिग गर्भवती है. पंचकूला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही आरोपी को दबोच लिया. यह भी पढ़ें: Singapore: 'Omegle' पर मिली दो नाबालिगों से दुष्कर्म मामले में युवक को सजा, कोर्ट ने कहा- ‘अनियंत्रित यौन आदतों के कारण किया अपराध’
रिश्तेदारों के घर रहने आई थी नाबालिग, तीन महीने पहले हुई वारदात
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घिनौना कृत्य करीब तीन महीने पहले अंजाम दिया गया था. उस समय पीड़िता पंचकूला में अपने रिश्तेदारों के घर रहने के लिए आई हुई थी. इसी दौरान उसके सगे मामा ने नाबालिग की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया. लोकलाज और डर के कारण बच्ची ने इस बात का जिक्र किसी से नहीं किया था.
हाल ही में जब पीड़िता को अचानक पेट में तेज दर्द उठा, तो परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए. वहां डॉक्टरों द्वारा किए गए मेडिकल टेस्ट में जैसे ही उसके गर्भवती होने की बात सामने आई, परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई.
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी धाराएं
नाबालिग के बयान और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर पंचकूला पुलिस ने 19 जून को औपचारिक रूप से प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 6 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(f) (दुष्कर्म के लिए सजा) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. बीएनएस की यह विशिष्ट धारा किसी रिश्तेदार या भरोसेमंद व्यक्ति द्वारा किए गए दुष्कर्म के मामलों में कठोरतम सजा का प्रावधान करती है.
मुकदमा दर्ज होने के बाद हरकत में आई पंचकूला पुलिस की टीम ने छापेमारी कर आरोपी मामा को 24 घंटे के भीतर ही हिरासत में ले लिया. रविवार, 21 जून को आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायाधीश ने उसे न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज देने का आदेश जारी किया.
पीड़िता की काउंसलिंग और आगे की जांच
पंचकूला पुलिस प्रशासन इस समय मामले से जुड़े तमाम सामाजिक और चिकित्सीय साक्ष्यों (Medical Evidence) को इकट्ठा करने में जुटा है ताकि अदालत में आरोपी के खिलाफ मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके.
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस गहरे मानसिक आघात और प्रताड़ना से गुजर रही 13 वर्षीय उत्तरजीवी (Survivor) को इस मुश्किल घड़ी में संबल देने के लिए कानूनी सहायता सलाहकार (Legal Aid Counsellor) के माध्यम से पेशेवर काउंसलिंग प्रदान की जा रही है. यह मामला एक बार फिर समाज में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के कड़ाई से क्रियान्वयन के साथ-साथ चिकित्सा व सामाजिक सेवाओं की सजग भूमिका को रेखांकित करता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2026 04:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

