टिड्डी दल का आक्रमण: पाकिस्तान से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में घुसे; सरकार निपटने के लिए कर रही उपाय
पाकिस्तान से टिड्डी दल की घुसपैठ देश में हो चुकी है. पड़ोसी देश से टिड्डी दल राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में प्रवेश कर चुके है. इस वजह से किसानों में डर का माहौल है. बताया जा रहा है कि टिड्डी दल कपास की खड़ी फसलों और सब्जियों को बड़ी क्षति पहुंचा सकते है.
नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) से टिड्डी दल (Tiddi Dal) की घुसपैठ देश में हो चुकी है. पड़ोसी देश से टिड्डी दल (Locust) राजस्थान (Rajasthan), पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में प्रवेश कर चुके है. इस वजह से किसानों में डर का माहौल है. बताया जा रहा है कि टिड्डी दल कपास की खड़ी फसलों और सब्जियों को बड़ी क्षति पहुंचा सकते है.
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि पाकिस्तान से घुसने वाले टिड्डी दल ने राजस्थान को सबसे अधिक प्रभावित किया है. इस साल टिड्डी दल जल्दी ही भारत की तरफ आ गए है. टिड्डी दल सामान्य तौर पर जून और जुलाई महीने में सीमा पार से भारत में प्रवेश करते है. फिलहाल वर्तमान स्थिति से निपटने व नियंत्रित करने के लिए के लिए राज्य सरकार विभिन्न माध्यमों को अपना रही हैं. Locust Attack: पाकिस्तान से आ रहे टिड्डी दलों से राजस्थान के किसान परेशान, गुजरात में भी अन्नदाताओं को फसल बर्बाद होने का डर
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में तबाही मचाने के बाद टिड्डी दल हर साल राजस्थान से भारत में घुसते है. टिड्डियों ने पिछले साल के अंत में राजस्थान और गुजरात में काफी नुकसान किया है. टिड्डियों का झुंड राजस्थान में आने वाली हवा या रेगिस्तानी तूफान की मदद से भारत में घुसपैठ करते है. हजारों-लाखों टिड्डियों का झुंड घुसपैठ करके देश की सीमावर्ती क्षेत्रो में किसानों की फसलों को तबाह कर देते है.
जानकारों की मानें तो टिड्डी दल लाखों-करोड़ों की संख्या में आते हैं और एक ही रात में सब फसल को चट कर जाते है. एक वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करने वाला टिड्डियों का झुंड एक दिन में 35,000 लोगों का भोजन खा सकता है. हालांकि टिड्डियों का पनपना पूरी तरह से प्राकृति से जुड़ी घटना है.