Operation Sindoor: क्या आपको पता है 8 मई को पाकिस्तान ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन भारत की एयर डिफेंस यूनिट ने समय रहते इसे नाकाम कर दिया था. 15 इन्फेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्रि ने बताया कि पाकिस्तान ने 8 मई की सुबह, अंधेरे का फायदा उठाते हुए ड्रोन और लंबी दूरी के मिसाइलों से हमला किया था. इसका मकसद भारतीय सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक इलाकों और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाना था. लेकिन भारतीय सेना पहले से अलर्ट थी.
सेना के जांबज जवानों ने एयर डिफेंस सिस्टम AKASH और L-70 एयर डिफेंस गन की मदद से सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया.
गोल्डन टेम्पल पर पाक हमले को सेना ने किया नाकाम
#WATCH | Amritsar, Punjab: A soldier of the Indian Army says, "...Only 10% of the ammunition of ground-based air defence weapons and Army air defence weapons were used...We have recovered Kamikaze drones and micro-drones like YIHA-III and Songar, which are likely of Turkish… https://t.co/E3IjQWrlJ7 pic.twitter.com/5U3wcyFZ5n
— ANI (@ANI) May 19, 2025
धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश
मेजर जनरल शेषाद्रि ने साफ कहा कि पाकिस्तान के पास वैध सैन्य टारगेट नहीं हैं, इसलिए उसने नागरिक इलाकों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की. उनके मुताबिक खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली थी कि गोल्डन टेम्पल सबसे बड़ा निशाना हो सकता है, इसलिए वहां एयर डिफेंस कवरेज को और मजबूत किया गया.
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान द्वारा किए गए इस हमले से कुछ ही दिन पहले, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाक समर्थित आतंकियों ने विदेशी और घरेलू पर्यटकों पर हमला किया था. इस हमले के बाद ही भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मौजूद 9 आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमला किया.
भारत ने सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाया
इन 9 ठिकानों में से 7 को पूरी तरह भारतीय सेना ने तबाह किया. इनमें लाहौर के पास मुरिदके और बहावलपुर जैसे स्थान शामिल हैं, जो लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के मुख्यालय माने जाते हैं. मेजर जनरल ने यह भी साफ किया कि भारत का मकसद सिर्फ आतंकियों को निशाना बनाना था. इसलिए ऑपरेशन सिंदूर में किसी भी पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचाया गया.
भारत के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बार फिर साबित किया है कि वह हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. ड्रोन हो या मिसाइल, भारत की सुरक्षा प्रणाली अब विश्व स्तरीय बन चुकी है और दुश्मन की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है.













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