महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' से खलबली: आदित्य ठाकरे का BJP पर बड़ा आरोप, कहा- 'संविधान बदलने के लिए तोड़ रहे हैं पार्टियां' (Watch Video)
शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने सोमवार को भाजपापर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष के सांसदों को तोड़कर लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना चाहती है ताकि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान को बदला जा सके. यह विवाद शिवसेना (UBT) के ६ लोकसभा सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने की खबरों के बीच गरमाया है.
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) की चर्चाओं के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) ने सोमवार, २२ जून २०२६ को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. आदित्य ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि २०२४ के लोकसभा चुनावों में बहुमत से दूर रहने के बाद, भाजपा अब विपक्ष के सांसदों और विधायकों को डरा-धमकाकर और खरीदकर अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों को तोड़ने के पीछे भाजपा का मुख्य उद्देश्य संसद में दो-तिहाई (2/3) बहुमत हासिल करना है ताकि देश के संविधान को बदला जा सके. यह भी पढ़ें: Maharashtra Politics: शिवसेना (UBT) में बगावत पर संजय राउत का बड़ा हमला, बोले- अब शुरू होगा ‘ऑपरेशन तुड़वा’
यह राजनीतिक घमासान तब और तेज हो गया जब शिवसेना (UBT) के कुल ९ लोकसभा सांसदों में से ६ सांसदों के पाला बदलकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलें सच साबित होती दिखीं.
बागी सांसदों को बताया 'डरपोक और बिकाऊ'
आदित्य ठाकरे ने पाला बदलने की तैयारी कर रहे अपनी ही पार्टी के सांसदों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें 'डरपोक और बिकाऊ' करार दिया. उन्होंने कहा, "ये लोग बागी नहीं हैं, बल्कि डरपोक हैं. इन्हें जनता ने उद्धव बालासाहेब ठाकरे और महा विकास अघाड़ी (MVA) के नाम पर भाजपा के खिलाफ वोट देकर जिताया था. अब भाजपा इन्हें अपने 'दलदल' में शामिल करना चाहती है ताकि देश का संविधान बदला जा सके."
आदित्य ने आगे कहा कि जिस तरह शिवसेना को तोड़ा गया, उसी तरह तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) को भी बांटने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि देश में कानून और संविधान जीवित है, तो उन्हें न्याय जरूर मिलेगा. यह भी पढ़ें: ‘Operation Tiger’ Buzz In Maharashtra: महाराष्ट्र में फिर सियासी हलचल, शिवसेना UBT में फिर बगावत की आहट? सांसदों की बैठक के बाद बढ़े सियासी कयास
आदित्य ठाकरे का दावा है कि BJP संविधान में संशोधन के लिए दल-बदल के ज़रिए 2/3 बहुमत चाहती है
क्या है 'ऑपरेशन टाइगर'?
महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में इस दलबदल को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया गया है. खबरों के अनुसार, शिवसेना (UBT) के जिन ६ सांसदों के जाने की चर्चा है, उनमें नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबाल्कर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं. इनमें से ओमप्रकाश राजेनिंबाल्कर (धाराशिव) और नागेश आष्टीकर (हिंगोली) ने औपचारिक रूप से शिंदे गुट के साथ जाने की घोषणा कर दी है.
संसद के आगामी सत्र से पहले दिल्ली में बुलाई गई शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक में ९ में से केवल ३ सांसद (अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे) ही पहुंचे थे, जिसने इस फूट पर मुहर लगा दी. दलबदल कानून (Anti-Defection Law) से बचने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, और ६ सांसदों का अलग होना इस आंकड़े को कानूनी रूप से वैध बनाता है.
सत्ता पक्ष का पलटवार: "ऑपरेशन सफल रहा"
दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ गठबंधन (महायुति) ने इस पर चुटकी ली है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और वरिष्ठ नेताओं ने 'ऑपरेशन टाइगर' के सफल होने की बात को स्वीकार किया है. एकनाथ शिंदे ने कहा, "जो लोग मुझे जानते हैं, उन्हें पता है कि मैं किसी भी ऑपरेशन को अधूरा नहीं छोड़ता."
पाला बदलने वाले सांसद नागेश आष्टीकर और ओमप्रकाश राजेनिंबाल्कर ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई में कहा कि विपक्ष में रहने के कारण उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए विकास कोष (Development Funds) नहीं मिल पा रहा था, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को नहीं छोड़ रहे हैं और मातोश्री (ठाकरे परिवार का निवास स्थान) के खिलाफ कोई अपशब्द नहीं कहेंगे.
शासन व्यवस्था पर उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने भाजपा की रणनीति पर हमला जारी रखते हुए कहा कि भाजपा देश में चुनाव प्रचार करना और पार्टियां तोड़ना तो जानती है, लेकिन उसे शासन करना नहीं आता. उन्होंने मुंबई (BMC) और पुणे (PMC) नगर निगमों के प्रशासन का हवाला देते हुए कहा कि वहां की स्थिति बदहाल है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन सांसदों को खरीदने के लिए भारी-भरकम राशि उपलब्ध है. दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ अयोग्यता (Disqualification) की कार्यवाही शुरू करने की बात कही है.