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Maharashtra Politics: शिवसेना (UBT) में बगावत पर संजय राउत का बड़ा हमला, बोले- अब शुरू होगा ‘ऑपरेशन तुड़वा’

राजनीतिक घटनाक्रम तब तेज हुआ जब शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के नोएडा के एक होटल में ठहरने और बाद में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने की खबर सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष एक प्रस्ताव सौंपकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विलय को मान्यता देने की मांग की है.

Maharashtra Politics: शिवसेना (UBT) में बगावत पर संजय राउत का बड़ा हमला, बोले- अब शुरू होगा ‘ऑपरेशन तुड़वा’
(Photo Credits FB)

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में नए राजनीतिक संकट की आहट सुनाई दे रही है. पार्टी के छह लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने की अटकलों के बीच राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बागी नेताओं को कड़ी चेतावनी दी है. राउत ने कहा कि पार्टी के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ अब "ऑपरेशन तुड़वा" शुरू किया जाएगा. ‘Operation Tiger’ Buzz In Maharashtra: महाराष्ट्र में फिर सियासी हलचल, शिवसेना UBT में फिर बगावत की आहट? सांसदों की बैठक के बाद बढ़े सियासी कयास

यह घटनाक्रम जून 2022 की उस बड़ी बगावत की याद दिला रहा है, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने शिवसेना छोड़ दी थी और बाद में पार्टी का नाम व चुनाव चिन्ह भी शिंदे गुट को मिल गया था.

संजय राउत की बागी सांसदों को खुली चेतावनी

मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यदि इन सांसदों में थोड़ी भी नैतिकता बची है तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. राउत ने कहा, "जो हमारे साथ हैं, वे हमारे हैं. जो विश्वासघात करेंगे, वे बेईमान गद्दार हैं. अब हमारा ‘ऑपरेशन तुड़वा’ शुरू होगा. यह लड़ाई सिर्फ अदालतों और लोकसभा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़कों पर भी लड़ी जाएगी."

उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए भारी रकम की पेशकश की गई है. राउत के मुताबिक, कुछ सांसदों को कथित तौर पर 50 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए निजी विमानों का भी इस्तेमाल किया गया.

छह सांसदों के बगावत की चर्चा ने बढ़ाई चिंता

राजनीतिक घटनाक्रम तब तेज हुआ जब शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के नोएडा के एक होटल में ठहरने और बाद में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने की खबर सामने आई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागी गुट ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष एक प्रस्ताव सौंपकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विलय को मान्यता देने की मांग की है.

सूत्रों के अनुसार, बागी खेमे में संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और ओमराजे निंबालकर जैसे सांसद शामिल हो सकते हैं. इनमें से कई सांसद उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक में भी शामिल नहीं हुए थे.

 

लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी निगाहें

अब पूरे मामले की दिशा काफी हद तक लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर निर्भर करेगी. यदि बागी सांसदों द्वारा दिए गए विलय प्रस्ताव को मान्यता मिलती है तो महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

वहीं दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) इस लड़ाई को राजनीतिक, कानूनी और संगठनात्मक स्तर पर लड़ने की तैयारी में जुट गई है. आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में और अधिक हलचल देखने को मिल सकती है

हम 'ऑपरेशन तुड़वा' शुरू करेंगे

शिवसेना (UBT) ने शुरू की कानूनी कार्रवाई

बगावत की खबरों के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने कानूनी मोर्चे पर सक्रियता बढ़ा दी है. पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने कहा है कि पार्टी अनुपस्थित सांसदों के खिलाफ अयोग्यता (Disqualification) की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रही है.

सावंत के अनुसार, बागी सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे और जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा. पार्टी का मानना है कि यह कदम किसी भी संभावित विभाजन को कानूनी मान्यता मिलने से रोकने में मदद करेगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2026 05:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).