‘Operation Tiger’ Buzz In Maharashtra: महाराष्ट्र में फिर सियासी हलचल, शिवसेना UBT में फिर बगावत की आहट? सांसदों की बैठक के बाद बढ़े सियासी कयास
उद्धव ठाकरे ने आगामी विधानसभा सत्र को लेकर 22 जून को शिवालय में पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है. विधानसभा सत्र के पहले दिन होने वाली इस बैठक में विपक्ष की रणनीति, सरकार को घेरने के मुद्दे और संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा की जाएगी.
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा जोरों पर है और इसी बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे की एक बैठक ने सियासी गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है. सोमवार को बुलाई गई सांसदों की बैठक में पार्टी के 9 में से केवल 4 सांसद ही व्यक्तिगत रूप से पहुंचे, जबकि 5 सांसद वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. इसके बाद पार्टी में संभावित टूट और असंतोष की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है.
क्या उद्धव का साथ छोड़ सकते हैं सांसद?
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में होने की चर्चाएं लगातार चल रही हैं. दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 में से 7 सांसद शिंदे की शिवसेना का रुख कर सकते हैं. हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
इसी पृष्ठभूमि में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे कथित तौर पर नाराज सांसदों से लगातार संपर्क में हैं और उनकी शिकायतों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों को एकजुट रखने के लिए डैमेज कंट्रोल मोड में नजर आ रहा है.
बैठक में कौन पहुंचा, कौन रहा वर्चुअल?
उद्धव ठाकरे की बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने वाले सांसदों में शामिल थे:
अरविंद सावंत
अनिल देसाई
संजय दीना पाटिल
राजाभाऊ वाजे
वहीं वर्चुअल माध्यम से जुड़ने वाले सांसदों के नाम इस प्रकार हैं:
ओमप्रकाश राजेनिंबालकर
भाऊसाहेब वाकचौरे
नागेश पाटिल अष्टिकर
संजय देशमुख
संजय जाधव
हालांकि पार्टी की ओर से यह नहीं कहा गया कि सांसदों की गैरमौजूदगी असंतोष का संकेत है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं.
22 जून को होगी अहम बैठक
उद्धव ठाकरे ने आगामी विधानसभा सत्र को लेकर 22 जून को शिवालय में पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है. विधानसभा सत्र के पहले दिन होने वाली इस बैठक में विपक्ष की रणनीति, सरकार को घेरने के मुद्दे और संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा की जाएगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक केवल विधानसभा सत्र की तैयारी तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पार्टी की एकजुटता का प्रदर्शन भी करेगी.
सांसदों से बोले उद्धव, संघर्ष करना पड़ेगा
सूत्रों के अनुसार बैठक में उद्धव ठाकरे ने सांसदों से कहा, "आज मेरा नहीं, लेकिन कल मेरा जरूर होगा. तब तक हमें सहना पड़ेगा और संघर्ष करना पड़ेगा." उन्होंने यह भी कहा कि जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना छोड़ी है, उन्हें एक दिन अपने फैसले पर पछतावा होगा. उद्धव ने 2022 में हुई बगावत का भी जिक्र किया और दावा किया कि पार्टी के सभी सांसद अभी भी शिवसेना (UBT) के साथ मजबूती से खड़े हैं.
क्या है 'ऑपरेशन टाइगर'?
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों 'ऑपरेशन टाइगर' की खूब चर्चा हो रही है. विपक्षी खेमे का आरोप है कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शिवसेना (UBT) के नेताओं और सांसदों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं.
दावों के मुताबिक इस अभियान की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव और विधान परिषद सदस्य कृपाल तुमाने को दी गई है. चर्चा है कि सांसद संजय देशमुख की दिल्ली में प्रताप जाधव से मुलाकात हुई थी, जबकि नागेश अष्टिकर भी अप्रैल में एक कार्यक्रम में उनके साथ नजर आए थे.
संजय राउत का पलटवार
इन अटकलों के बीच शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने 'ऑपरेशन टाइगर' को नाकाम बताते हुए कहा, "ऑपरेशन टाइगर फुस्स हो चुका है. अब हमारी पार्टी ऑपरेशन वुल्फ शुरू करेगी. उद्धव ठाकरे और उनके नेता बाघ हैं. बाघ का शिकार भेड़िया नहीं कर सकता."
फिलहाल महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि 'ऑपरेशन टाइगर' केवल राजनीतिक चर्चा है या फिर शिवसेना (UBT) के भीतर वास्तव में किसी बड़े बदलाव की आहट होने वाली हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2026 11:22 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

