"पाकिस्तान को एक बूंद पानी नहीं मिलेगा..." जल मंत्री बोले सिंधु जल संधि पर भारत सरकार बना रही एक्शन प्लान
जल मंत्री सीआर पाटिल ने कहा, "हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पाकिस्तान को सिंधु या उसकी सहायक नदियों से एक बूंद पानी भी न मिले."
नई दिल्ली: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस निर्मम हमले में 26 लोगों की जान गई, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था. इसके जवाब में भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है. भारत के जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने CNN-News18 से बातचीत में साफ कहा कि सरकार ने पाकिस्तान को पानी देना पूरी तरह बंद करने की रणनीति बना ली है. उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन स्तरों पर काम किया जा रहा है; शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म प्लान.
Pahalgam Terror Attack: सिंधु जल समझौता रोकने का पाकिस्तान पर क्या होगा असर? यहां पढ़ें डिटेल में.
जल मंत्री सीआर पाटिल ने कहा, "हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पाकिस्तान को सिंधु या उसकी सहायक नदियों से एक बूंद पानी भी न मिले."
पाकिस्तान को मिला औपचारिक नोटिस
गुरुवार रात भारत ने पाकिस्तान को एक आधिकारिक पत्र भेजकर सूचित किया कि सिंधु जल संधि अब अमान्य मानी जा रही है. जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देवश्री मुखर्जी द्वारा यह पत्र पाकिस्तानी जल मंत्रालय के सचिव सैय्यद अली मुर्तुजा को भेजा गया.
पत्र में कहा गया है कि यह संधि आपसी विश्वास और शांति के आधार पर की गई थी, लेकिन आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश से अब इसे निभाना मुमकिन नहीं है.
पाकिस्तान की घबराहट
भारत के इस ऐलान के बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तानी सरकार ने कहा, "अगर भारत पानी रोकेगा, तो हम इसे युद्ध की घोषणा मानेंगे." पाकिस्तान की 80% खेती सिंधु नदी पर निर्भर है. जल आपूर्ति रुकने से वहां की खेती, बिजली उत्पादन और पीने के पानी की व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा.
तीन रणनीतियां – पानी रोकने की पूरी तैयारी
भारत सरकार ने पाकिस्तान को पानी से वंचित करने के लिए तीन योजनाएं तैयार की हैं:
शॉर्ट टर्म प्लान; सिंधु और उसकी सहायक नदियों के प्रवाह को सीधे भारत में मोड़ने की योजना.
मिड टर्म प्लान; बांध और जलाशयों का निर्माण कर पानी को नियंत्रित करने की व्यवस्था.
लॉन्ग टर्म प्लान; जल प्रबंधन नीति में बदलाव, जिससे भविष्य में पाकिस्तान को भारत के पानी पर कोई अधिकार न रहे.
भारत ने यह कदम सीधे तौर पर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को बढ़ावा देने के विरोध में उठाया है. कूटनीतिक स्तर पर यह निर्णय पाकिस्तान पर अर्थव्यवस्था, कृषि और सामाजिक ढांचे को बुरी तरह प्रभावित करेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2025 06:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

