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Meta Platforms CSAM Case: मेटा पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट, NHRC ने इंस्टाग्राम मामले में जांच तेज की, नोटिस जारी किए

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मेटा के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर इंस्टाग्राम (Instagram) पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े विज्ञापनों और सामग्री के प्रसार को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को औपचारिक नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है.

Meta Platforms CSAM Case: मेटा पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट, NHRC ने इंस्टाग्राम मामले में जांच तेज की, नोटिस जारी किए

नई दिल्ली: मेटा (Meta) के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM/CSEAM) से जुड़े विज्ञापनों के प्रदर्शन के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने केंद्र सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के खिलाफ जांच का दायरा विस्तृत कर दिया है. आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.

मानवाधिकार आयोग ने स्पष्ट किया कि यह जांच केवल आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने वाले व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी परखा जा रहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संपादकीय, सिफारिशी (Recommendation) और मुद्रीकरण (Monetization) तंत्र इसमें किस सीमा तक सक्रिय भूमिका निभाते हैं. यह भी पढ़ें: BBC का बड़ा खुलासा: भारत में बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापनों को बढ़ावा दे रहा था इंस्टाग्राम, मेटा ने दी सफाई

क्या प्लेटफॉर्म केवल 'पैसिव इंटरमीडियरी' हैं? NHRC का बड़ा सवाल

आयोग ने डिजिटल प्लेटफॉर्मों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79 के तहत मिलने वाले 'सेफ हार्बर' (Safe Harbour) यानी कानूनी सुरक्षा कवच पर कड़े सवाल खड़े किए हैं:

  • सक्रिय भूमिका पर संज्ञान: आयोग ने कहा कि जब किसी प्लेटफॉर्म का अपना स्वचालित सिस्टम सामग्री को जनरेट, मॉडिफाई, क्यूरेट, प्रमोट और मॉनेटाइज करता है, तो उसे केवल एक 'निष्क्रिय मध्यस्थ' (Passive Intermediary) कैसे माना जा सकता है.
  • पब्लिशर का दर्जा: आयोग ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से परीक्षण करने को कहा है कि क्या आईटी नियम, 2021 (IT Rules, 2021) के तहत मेटा को एक 'ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट पब्लिशर' के दायरे में माना जाना चाहिए और उसके अनुसार जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

पेड विज्ञापनों के जरिए अवैध नेटवर्क तक पहुंच का खुलासा

यह पूरी न्यायिक प्रक्रिया बीबीसी वर्ल्ड सर्विस की एक खोजी रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी:

  • सर्च टर्म्स और विज्ञापन: रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि इंस्टाग्राम पर "रेप वीडियो" और "चाइल्ड वीडियो" जैसे संवेदनशील और प्रतिबंधित सर्च टर्म्स पर पेड ऐड्स (Paid Ads) प्रदर्शित हो रहे थे.
  • टेलीग्राम लिंक: इन विज्ञापनों पर क्लिक करने पर उपयोगकर्ताओं को बाहरी टेलीग्राम चैनलों पर रीडायरेक्ट किया जाता था, जहां कथित तौर पर बाल यौन शोषण से संबंधित अवैध सामग्री बेची जा रही थी.
  • सिस्टम की खामी: रिपोर्ट के अनुसार, ये विज्ञापन मेटा की आंतरिक समीक्षा प्रणाली से गुजरने के बाद भी लाइव रहे और उपयोगकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए जाने के बावजूद नहीं हटाए गए.
  • आयोग के समक्ष ऐसे स्क्रीनशॉट्स भी साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किए गए हैं, जो दर्शाते हैं कि मेटा के बैकएंड टूल्स कंटेंट आइडिया, ऑडियंस एंगेजमेंट और मुद्रीकरण के सुझाव देते हैं.

पोक्सो एक्ट के तहत रिपोर्टिंग और दो हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

आयोग ने बच्चों के संरक्षण से जुड़े कानूनों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया है:

  • POCSO Act 2012 का पालन: MeitY से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या ऐसे संदिग्ध मामलों की जानकारी कानून के अनुसार अनिवार्य रूप से स्थानीय पुलिस या विशेष किशोर पुलिस इकाइयों (Special Juvenile Police Units) को दी गई थी.
  • प्रक्रियागत चूक पर जवाबदेही: यदि रिपोर्टिंग में कोई विफलता या देरी हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं.
  • दिल्ली पुलिस को भी निर्देश: जुलाई 2026 में जारी पूर्व नोटिस के क्रम में दिल्ली पुलिस को भी इस सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन की जांच पर अपडेटेड रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है.

आयोग ने दोनों मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर तथ्यात्मक और समकालीन रिकॉर्ड पर आधारित विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल की जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की कानूनी जिम्मेदारियों को सुनिश्चित किया जा सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2026 08:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).