New 'Shiv Sena Bhavan': मुंबई में नया 'शिवसेना भवन' बनाने की तैयारी में शिंदे गुट, 'मातोश्री' के पास या दादर में खोजी जा रही जमीन
उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों के शिंदे सेना में शामिल होने के बाद अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना मुंबई में अपना नया और भव्य 'शिवसेना भवन' बनाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए 'मातोश्री' के करीब बीकेसी और पारंपरिक गढ़ दादर में जमीनों का मुआयना किया गया है.
New 'Shiv Sena Bhavan': महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और तेज होने के आसार हैं. उद्धव ठाकरे (UBT) गुट के 6 लोकसभा सांसदों के आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद ठाकरे कैंप को बड़ा झटका लगा है. इस सियासी उलटफेर के बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जो सीधे तौर पर ठाकरे परिवार के निवास स्थान 'मातोश्री' और उनके राजनीतिक गढ़ को चुनौती दे सकता है.
नए मुख्यालय के लिए दो प्रमुख जगहों की पहचान
सूत्रों के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना अब मुंबई में अपना एक नया और भव्य 'शिवसेना भवन' स्थापित करने की योजना बना रही है. पार्टी के नए केंद्रीय मुख्यालय के लिए उपयुक्त जगह की तलाश भी शुरू कर दी गई है.
पार्टी नेतृत्व ने इसके लिए मुंबई में दो संभावित स्थानों का निरीक्षण किया है. इनमें से एक स्थान बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में स्थित है, जो उद्धव ठाकरे के आवास 'मातोश्री' से कुछ ही दूरी पर है. वहीं, दूसरे विकल्प के तौर पर दादर में भी एक जमीन की तलाश की गई है.
संगठन विस्तार के बाद स्थायी प्रतीक की जरूरत
साल 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए विद्रोह के बाद से यह गुट पूरे महाराष्ट्र में अपने संगठनात्मक ढांचे का आक्रामक रूप से विस्तार कर रहा है. पिछले चार सालों में कई विधायकों, सांसदों और जमीनी कार्यकर्ताओं ने शिंदे गुट का दामन थामा है.
चुनाव आयोग द्वारा पार्टी का नाम और 'धनुष-बाण' प्रतीक शिंदे गुट को सौंपे जाने के बाद, अब पार्टी नेताओं का मानना है कि संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए दादर के ऐतिहासिक शिवसेना भवन की तर्ज पर एक स्थायी और भव्य मुख्यालय की आवश्यकता है.
BKC के मुकाबले दादर को प्राथमिकता
पार्टी सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे नए मुख्यालय को बीकेसी के बजाय दादर में बनाने के अधिक इच्छुक हैं. इसके पीछे मुख्य कारण शिवसेना की वैचारिक जड़ें हैं. शिवसेना की स्थापना मराठी भाषियों के अधिकारों के आंदोलन के रूप में हुई थी, और दादर एक पारंपरिक मराठी बहुल इलाका माना जाता है. शिंदे का मानना है कि कॉर्पोरेट माहौल वाले बीकेसी की तुलना में दादर पार्टी की मूल विचारधारा और पहचान को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करेगा.
'ऑपरेशन टाइगर' के बीच बढ़ी सियासी हलचल
फिलहाल पार्टी के भीतर मुख्यालय की जगह को अंतिम रूप देने के लिए चर्चाएं जारी हैं और कुछ तकनीकी व संरचनात्मक पहलुओं की जांच की जा रही है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सेना पहले से ही अपने नेताओं के पाला बदलने से जूझ रही है, जिसे राजनीतिक हलकों में 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है.
यदि शिंदे सेना मुंबई के किसी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र, विशेषकर दादर में अपना मुख्यालय बनाने में सफल रहती है, तो आने वाले दिनों में असली शिवसेना की विरासत पर दावों की जंग और तीखी हो जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2026 01:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

