Nashik Viral Video: नासिक में आर्मी पायलट का अनोखा प्रपोजल, हेलीकॉप्टर के सामने किया प्रेमिका से प्यार का इज़हार; वीडियो ने जीता लोगों का दिल
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Nashik Viral Video: महाराष्ट्र के नासिक स्थित 'कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल' (CAATS) में दीक्षांत समारोह के दौरान एक विवाह प्रस्ताव (मैरिज प्रपोजल) सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. 2 जून 2026 को आधिकारिक पासिंग-आउट परेड के तुरंत बाद नवनियुक्त पायलट कैप्टन भरत भारद्वाज ने सैन्य गरिमा और वर्दी में ही रनवे (टार्मैक) पर घुटनों के बल बैठकर अपनी पांच साल पुरानी दोस्त आरुषि को प्रपोज किया. इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर सैन्य प्रोटोकॉल, अनुशासन और व्यक्तिगत रोमांस की सीमाओं को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है.

टार्मैक पर कैप्टन भरत का प्रपोजल

यह पूरा घटनाक्रम कठिन उड़ान प्रशिक्षण कार्यक्रम और उसके बाद हुए विमानन प्रदर्शन (एविएशन डिस्प्ले) के ठीक बाद शुरू हुआ. पूर्ण औपचारिक सैन्य वर्दी (सेरेमोनियल यूनिफॉर्म) पहने कैप्टन भारद्वाज ने एक्टिव फ्लाइट लाइन पर कदम रखा. उन्होंने पीछे खड़े सेना के लड़ाकू हेलीकॉप्टर की पृष्ठभूमि में आरुषि के सामने घुटने टेक दिए और उन्हें सगाई की अंगूठी पहनाई.  यह भी पढ़े:  ‘The 50’ में निक्की तंबोली का छलका दर्द: अरबाज पटेल के लिए परिवार से की बगावत, नेशनल टीवी पर प्रपोजल के बाद आया नया मोड़ (Watch Video)

वहां मौजूद परिवार के सदस्यों, सहकर्मियों, प्रशिक्षकों और आमंत्रित मेहमानों ने तालियां बजाकर इस जोड़े का उत्साहवर्धन किया. आरुषि ने तुरंत इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया. समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए कैप्टन भारद्वाज ने कहा, "हम सब आज पायलट और इंस्ट्रक्टर बने हैं. यह हमारे पूरे परिवार और कड़ी मेहनत के लिए बहुत बड़ा दिन था. मैं अपनी मंगेतर के लिए भी इस दिन को यादगार बनाना चाहता था, बस यही इसके पीछे का विचार था."

जनता की तारीफ और सिनेमाई तुलना

सोशल मीडिया पर यूजर्स के एक बड़े वर्ग ने इस घटना को काफी पसंद किया है. कई लोगों ने इसे एक पारंपरिक और सख्त सैन्य माहौल के बीच 'सिनेमाई पल' करार दिया. समर्थकों ने जोड़े को बधाई देते हुए कहा कि अपने सैन्य करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि को पार्टनर के साथ साझा करना बेहद खास है. कई लोगों का मानना था कि सेना की वर्दी और हेलीकॉप्टर की मौजूदगी ने इस पल की गंभीरता और सम्मान को और बढ़ा दिया है.

सैन्य अनुशासन और गरिमा पर उठे सवाल

इसके विपरीत, सैन्य दिग्गजों, पूर्व सैनिकों और कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है. आलोचकों का तर्क है कि पासिंग-आउट परेड एक औपचारिक और बेहद गंभीर राजकीय कार्यक्रम होता है, जहां सख्त अनुशासन का पालन किया जाना अनिवार्य है.

एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा, "पासिंग-आउट परेड और वर्दीधारी अधिकारियों के साथ एक अत्यधिक अनुशासित संस्थान में घुटनों के बल बैठकर प्रपोज करना अनुचित लगा." वहीं एक अन्य आलोचक ने कहा कि प्यार सुंदर है, लेकिन वर्दी कर्तव्य, अनुशासन और जनविश्वास का प्रतीक है. व्यक्तिगत पलों को इस तरह संभाला जाना चाहिए जिससे वर्दी की गरिमा प्रभावित न हो.

क्या है CAATS का इतिहास?

नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल (CAATS) भारतीय सेना की विमानन शाखा का प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है. यहाँ अधिकारियों को उन्नत उपयोगिता (यूटिलिटी), हमलावर (अटैक) और टोही (रेकॉनेसेंस) हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए तैयार किया जाता है. यहाँ की पासिंग-आउट परेड ऐतिहासिक रूप से बेहद औपचारिक होती है, जिसमें वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व शामिल होता है. फिलहाल, इस प्रपोजल से किसी नियम या आचार संहिता का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इस पर भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.