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Eid Milad Un Nabi 2026: भारत में पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन और सरकारी छुट्टी

मिलाद उन नबी 2026 भारत में 26 अगस्त (बुधवार) को मनाया जाएगा। यह पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्मदिन है और इसे गजेटेड सरकारी छुट्टी के रूप में चिह्नित किया गया है। जानें इस पवित्र दिन का महत्व, प्रमुख रीति-रिवाज, अनुष्ठान और भारत में छुट्टी की स्थिति।.

Eid Milad Un Nabi 2026: भारत में पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन और सरकारी छुट्टी

दुनिया भर के मुसलमानों के लिए मिलाद उन नबी (Mawlid al-Nabi) एक बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है, जो इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन का प्रतीक है। यह दिन न केवल उनकी शिक्षाओं और जीवन को याद करने का अवसर है, बल्कि उनके शांति और भाईचचारे के संदेश को फैलाने का भी एक माध्यम है। हर साल इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की 12 तारीख को यह त्योहार मनाया जाता है, और इसी कारण ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है।

मिलाद उन नबी 2026 की तारीख और भारत में सरकारी छुट्टी की स्थिति

वर्ष 2026 में, मिलाद उन नबी का पर्व भारत में मुख्य रूप से 26 अगस्त, बुधवार को मनाया जाएगा। हालांकि, धार्मिक अनुष्ठान 25 अगस्त की शाम से शुरू हो सकते हैं, लेकिन देश भर में सार्वजनिक अवकाश और मुख्य दिन की गतिविधियां 26 अगस्त को ही रहेंगी। भारत में, मिलाद उन नबी एक गजेटेड (राजपत्रित) सार्वजनिक अवकाश है। इस दिन सरकारी कार्यालय, बैंक, डाकघर, स्कूल और अधिकांश व्यवसाय बंद रहते हैं। यह छुट्टी भारत के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होती है, हालांकि कुछ अपवाद भी हो सकते हैं।

क्यों मनाया जाता है मिलाद उन नबी?

मिलाद उन नबी का शाब्दिक अर्थ है 'जन्म का दिन'। यह इस्लाम के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन की खुशी में मनाया जाता है। उनका जन्म 570 ईस्वी में मक्का में हुआ था। यह दिन उनके जीवन, उनकी शिक्षाओं और उनके द्वारा स्थापित शांति, करुणा और न्याय के सिद्धांतों को याद करने और सम्मान देने के लिए समर्पित है। इस दिन मुसलमान उनके जीवन से प्रेरणा लेते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।

प्रमुख रीति-रिवाज और परंपराएं

मिलाद उन नबी पर दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के रीति-रिवाज देखे जाते हैं, जो संस्कृति और क्षेत्रीय भिन्नताओं पर निर्भर करते हैं। भारत में, इस दिन की मुख्य परंपराएं और अनुष्ठान इस प्रकार हैं:

  • विशेष नमाज़ और दुआएं: मुस्लिम मस्जिदों में इकट्ठा होते हैं और पैगंबर मोहम्मद साहब के लिए विशेष नमाज़ अदा करते हैं, साथ ही अल्लाह से दुआएं मांगते हैं।
  • जुलूस और परेड: कई शहरों में बड़े जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें लोग हरे झंडे और बैनर लिए होते हैं। हरा रंग इस्लाम और स्वर्ग का प्रतीक माना जाता है।
  • नात शरीफ का पाठ: पैगंबर मोहम्मद साहब की प्रशंसा में लिखी गई कविताएं, जिन्हें 'नात शरीफ' कहा जाता है, मस्जिदों और सामुदायिक समारोहों में पढ़ी जाती हैं।
  • दान और धर्मार्थ कार्य: लोग गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े और पैसे दान करते हैं। यह पैगंबर मोहम्मद साहब की करुणा और सेवा की भावना को दर्शाता है।
  • सामुदायिक भोज: घरों और मस्जिदों में विशेष भोजन और मिठाइयां तैयार की जाती हैं, जिन्हें परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ बांटा जाता है। शीर खुरमा और सेवइयां जैसी पारंपरिक मिठाइयां अक्सर साझा की जाती हैं।
  • घरों और मस्जिदों की सजावट: इस अवसर पर घरों और मस्जिदों को रोशनी और रंगीन सजावट से सजाया जाता है।

क्षेत्रीय विविधताएं और उत्सव

जहां सुन्नी मुसलमान आमतौर पर रबी-उल-अव्वल की 12 तारीख को मिलाद उन नबी मनाते हैं, वहीं शिया समुदाय इसे उसी महीने की 17 तारीख को मनाता है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भी उत्सव के तरीकों में भिन्नता देखी जाती है। उदाहरण के लिए, जम्मू और कश्मीर में, श्रीनगर स्थित हजरतबल दरगाह में हजारों मुसलमान इकट्ठा होते हैं, जहां पैगंबर मोहम्मद साहब के बाल का एक अवशेष माना जाता है। इस दिन दरगाह में विशेष नमाज़ और प्रदर्शन आयोजित किए जाते हैं।

मिलाद उन नबी का पर्व मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो उन्हें पैगंबर मोहम्मद साहब के महान जीवन और शिक्षाओं को याद करने, शांति, करुणा और सद्भाव के उनके संदेश को फैलाने और सामुदायिक एकता को मजबूत करने का मौका देता है। यह दिन आत्म-चिंतन, प्रार्थना और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक सुंदर माध्यम है।

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 17, 2026 03:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).