Mumbai Monsoon 2026: मुंबई में मानसून से पहले BMC की जलभराव से निपटने की बड़ी तैयारी, ₹110 करोड़ का 'डीवॉटरिंग पंप' प्लान तैयार, आज मंजूरी मिलने की उम्मीद

मुंबई में मॉनसून के दौरान जलभराव (Waterlogging) से निपटने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने 110 करोड़ रुपये से अधिक की योजना बनाई है. इसके तहत शहर के प्रमुख हॉटस्पॉट्स पर हाई-कैपेसिटी पंप तैनात किए जाएंगे.

(Photo Credits WC)

Mumbai Monsoon 2026: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने मॉनसून के दौरान मुंबई के निचले इलाकों में होने वाले गंभीर जलभराव से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. बीएमसी ने मिलन सबवे, चूनाभट्टी, कुर्ला एलबीएस रोड, मस्जिद बंदर और वडाला जैसे बाढ़ प्रभावित संवेदनशील इलाकों से पानी निकालने के लिए चार साल के कॉन्ट्रैक्ट पर 'डीवाटरिंग पंप' सिस्टम किराए पर लेने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस पूरी योजना पर 110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है, जिसके प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए आज शुक्रवार को स्थायी समिति (Standing Committee) के सामने रखा जाएगा.

पिछले साल की बाढ़ से लिया सबक

बीएमसी का यह फैसला पिछले साल मॉनसून की पहली भारी बारिश के दौरान मुंबई के कई हिस्सों में हुए भीषण जलभराव के बाद आया है. पिछले साल ड्रेनेज और पंपिंग क्षमता अपर्याप्त होने के कारण कई उपनगरों में यातायात और आम जीवन पूरी तरह ठप हो गया था. इसी को ध्यान में रखते हुए इस साल नागरिक निकाय ने पहले ही मुंबई और उसके उपनगरों में बाढ़ की आशंका वाले सबवे, सड़कों और प्रमुख जंक्शनों पर 547 डीवाटरिंग पंप सक्रिय कर दिए हैं. यह भी पढ़े   Kerala Monsoon 2026: केरल के कई जिलों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना, IMD ने जारी किया अलर्ट

तकनीक और रियल-टाइम मॉनिटरिंग का इस्तेमाल

इस साल जलभराव की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए पूरे पंपिंग नेटवर्क को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है. इन सभी पंपों की निगरानी इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर आधारित एक केंद्रीय डैशबोर्ड के जरिए रियल-टाइम में की जा रही है.

इसके अलावा, मुंबई कोस्टल रोड, मिलन सबवे, चूनाभट्टी, मस्जिद बंदर, वडाला और महालक्ष्मी रेलवे कल्वर्ट जैसे सबसे संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर 500, 1000 और 3000 क्यूबिक मीटर प्रति घंटे की क्षमता वाले हाई-कैपेसिटी पंप तैनात किए जा रहे हैं.

तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे कर्मचारी

मॉनसून के दौरान पानी निकालने वाले ये पंप बिना रुके 24 घंटे काम कर सकें, इसके लिए बीएमसी ने मुख्य स्थानों पर तीन शिफ्टों में जनशक्ति (Manpower) तैनात की है. आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष (Disaster Management Control Room) में पंप ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों को नियुक्त किया गया है ताकि ऑन-फील्ड टीमों के साथ तुरंत समन्वय बिठाया जा सके.

एक वरिष्ठ नागरिक अधिकारी ने बताया कि फील्ड साइटों पर काम कर रहे ऑपरेटरों को स्मार्टफोन दिए गए हैं. वे जलभराव वाले स्थलों से सीधे तस्वीरें और लाइव अपडेट केंद्रीय नियंत्रण कक्ष को भेज सकेंगे, जिससे राहत कार्यों की गति तेज होगी.

किस इलाके पर कितना खर्च होगा? (अनुमानित बजट)

बाढ़ नियंत्रण के इस कार्य के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की संवेदनशीलता के आधार पर बजट आवंटित किया गया है, जो इस प्रकार है.

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