कल का मौसम: लखनऊ, आगरा, कानपुर समेत UP के अन्य जिलों में 15 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम? IMD से जानें ताजा अपडेट
उत्तर प्रदेश में 15 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के पश्चिमी और मध्य जिलों जैसे लखनऊ, कानपुर और आगरा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश देखी जा सकती है.
कल का मौसम: उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी पड़ गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को राज्य के अधिकांश हिस्सों में लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में मॉनसूनी गतिविधियां फिलहाल कुछ कमजोर बनी हुई हैं, जिसके कारण तापमान में हल्की बढ़ोतरी और उमस में इजाफा दर्ज किया जा सकता है.
लखनऊ, कानपुर और आगरा का हाल
राजधानी लखनऊ और इसके आसपास के जिलों में 15 जुलाई को मुख्य रूप से आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है. हालांकि, दिन के समय तेज धूप और हवा में अत्यधिक नमी के कारण उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है. अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. यह भी पढ़े: कल का मौसम: बिहार की राजधानी पटना समेत प्रदेश के अन्य जिलों में 15 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम? जानें ताजा अपडेट
कानपुर और आगरा संभाग में भी स्थिति लगभग ऐसी ही बनी रहेगी. इन क्षेत्रों में भी शुष्क और गर्म मौसम रहने की संभावना है. स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही जरूर देखी जा सकती है, लेकिन भारी बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है. कुछ क्षेत्रों में बहुत हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक के साथ आंशिक बदलाव जरूर हो सकता है, लेकिन इससे गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश के आसार
मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विपरीत, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून थोड़ा अधिक सक्रिय रहेगा. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 15 जुलाई को पूर्वी यूपी के कुछ अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
विशेष रूप से नेपाल सीमा से सटे तराई वाले क्षेत्रों और बिहार की सीमा से लगते जिलों में वर्षा होने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक है. इन क्षेत्रों में बारिश के बाद तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, जिससे वहां के लोगों को उमस से आंशिक राहत मिल सकती है.
क्या है इस बदलाव के पीछे का कारण?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी भागों में बारिश की गतिविधियों में गिरावट आई है, जिसे मौसम की भाषा में 'सबड्यूड मानसून फेज' (कमजोर मानसून चरण) कहा जाता है. मॉनसून ट्रफ रेखा की स्थिति और नमी वाली हवाओं के पैटर्न में बदलाव के कारण मैदानी इलाकों में अभी भारी बारिश का दौर थमा हुआ है.
विभाग का अनुमान है कि 17 और 18 जुलाई के आसपास उत्तर प्रदेश के मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा, जब राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर फिर से लौट सकता है. तब तक के लिए लोगों को इस चिपचिपी गर्मी और उमस भरे वातावरण से खुद को बचाए रखने की सलाह दी गई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2026 03:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

