Mumbai: फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप के जाल में फंसी मीरा रोड की टीचर, 55.99 लाख रुपये की ठगी; आरोपियों ने ऐसे बिछाया था जाल
शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि वह यूट्यूब पर रील्स देख रही थीं, तभी उन्हें एक ऐसा विज्ञापन दिखा जिसमें निवेश पर गारंटीड रिटर्न का वादा किया गया था. उस लिंक पर क्लिक करते ही वह एक WhatsApp ग्रुप में जुड़ गईं, जिसमें पहले से 245 सदस्य मौजूद थे.
मुंबई: आजकल ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट और शेयर बाजार में मुनाफे का सपना दिखाकर ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. मुंबई से सटे मीरा रोड की एक 56 वर्षीय शिक्षिका भी ऐसी ही एक ठगी का शिकार बन गईं, जहां उन्हें फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप के जरिए 55.99 लाख रुपये की भारी-भरकम चपत लगाई गई.
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ठगों ने एक नकली स्टॉक ट्रेडिंग एप्लिकेशन में निवेश करने का लालच देकर 55.99 लाख रुपये की ठगी की. उन्होंने खुद को शेयर बाजार एक्सपर्ट बाताया और ऑनलाइन ट्यूटोरियल आयोजित किए और पीड़ित महिला को कई कंपनियों में निवेश करने और उच्च लाभ कमाने के लिए लुभाने से पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप पर ट्रेडिंग टिप्स दिए.
यूट्यूब रील से शुरू हुई ठगी की कहानी
शिक्षिका ने पुलिस को बताया कि वह यूट्यूब पर रील्स देख रही थीं, तभी उन्हें एक ऐसा विज्ञापन दिखा जिसमें निवेश पर गारंटीड रिटर्न का वादा किया गया था. उस लिंक पर क्लिक करते ही वह एक WhatsApp ग्रुप में जुड़ गईं, जिसमें पहले से 245 सदस्य मौजूद थे. सभी लोग निवेश से जुड़े स्क्रीनशॉट और मुनाफे की कहानियां साझा कर रहे थे.
शेयर बाजार की शुरुआती जानकारी रखने वाली शिक्षिका ने ग्रुप के एडमिन से संपर्क कर ट्रेडिंग सीखने की इच्छा जताई. इसके बाद उन्हें एक सीमित सदस्यों वाले नए ग्रुप में जोड़ा गया. वहां कुछ लोग खुद को स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बताकर ऑनलाइन ट्रेनिंग और ट्रेडिंग टिप्स दे रहे थे. ठगों ने शिक्षिका को एक फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने को कहा और निवेश शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया.
4 महीने में 21 ट्रांजैक्शन, लगभग 56 लाख की ठगी
ठगों के झांसे में आकर शिक्षिका ने नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच 21 बार में कुल 55.90 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए. ऐप पर उन्हें मुनाफा दिखता रहा, जिससे उनका भरोसा और बढ़ता गया. लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उन्हें बार-बार कहा गया कि रिडीम के लिए और पैसे ट्रांसफर करने होंगे.
ऐसे खुला सच्चाई का पर्दा
जब पैसे निकालना असंभव हो गया और ठगों की बातें संदेहास्पद लगने लगीं, तब उन्हें एहसास हुआ कि वह एक बड़ी साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं. उन्होंने तुरंत नया नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है.
भूल कर भी न करें ये गलती
- अनजान लिंक या विज्ञापन पर क्लिक करने से बचें.
- सोशल मीडिया पर शेयर बाजार के नाम पर मिलने वाले सुझावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें.
- कोई ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रमाणिकता जांचें.
- फाइनेंशियल फैसले सोच-समझकर लें, विशेष रूप से जब बड़ी रकम का सवाल हो.
शेयर बाजार में निवेश समझदारी से करें, लालच में नहीं. अगर आप खुद निवेश को नहीं समझते, तो किसी प्रमाणिक और रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एक्सपर्ट से सलाह लें, वरना आपकी मेहनत की कमाई पलक झपकते ही उड़ सकती है.