मुंबई झीलों का जलस्तर आज: जलाशयों में पानी 92% के पार, मायानगरी के लोगों के लिए बड़ी राहत
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के जल अभियान विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों का 16 अगस्त तक कुल जल स्तर 92 प्रतिशत से अधिक हो चुका है.
Mumbai Lake Water Level: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के जल अभियान विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों का 16 अगस्त तक कुल जल स्तर 92 प्रतिशत से अधिक हो चुका है. पिछले कुछ दिनों से जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण जलाशयों में पानी का भंडारण तेजी से बढ़ा है. यह स्थिति आगामी महीनों के लिए मुंबई के नागरिकों के लिए जल संकट से बड़ी राहत मानी जा रही है.
जलाशयों की स्थिति और ओवरफ्लो
मुंबई को रोजाना पानी की आपूर्ति करने वाली झीलों की कुल भंडारण क्षमता लगभग 14,47,363 मिलियन लीटर है. रिपोर्ट के अनुसार, कुल जल भंडारण 13.34 लाख मिलियन लीटर से अधिक पहुंच चुका है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 15 अगस्त तक जलाशयों में कितना जमा हुआ पानी? BMC ने साझा किया ताजा आंकड़ा; चेक
झीलों में जमा हुआ 92 फीसदी से ज्यादा पानी
वर्तमान में सात में से तीन झीलें—विहार, तुलसी और मोदक सागर पूर्ण क्षमता (100%) पर भर चुकी हैं और ओवरफ्लो हो रही हैं. वहीं तानसा और मध्य वैतरणा झीलों में भी जल स्तर क्षमता के करीब पहुंच गया है. सबसे बड़ी आपूर्ति करने वाली भातसा झील में जल भंडारण 90 प्रतिशत से ऊपर दर्ज किया गया है.
जल कटौती की आशंका खत्म
मानसून की शुरुआत में पानी के घटते स्तर को देखते हुए बीएमसी द्वारा जल आपूर्ति प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा था. हालांकि, जुलाई और अगस्त में हुई बारिश ने स्थिति में बड़ा सुधार किया है. झीलों में 92 प्रतिशत से अधिक पानी एकत्र होने से बीएमसी प्रशासन और शहरवासियों दोनों को बड़ी राहत मिली है, जिससे आने वाले महीनों में किसी भी संभावित पानी की कटौती की संभावना समाप्त हो गई है.
शहर की दैनिक आपूर्ति प्रणाली
मुंबई शहर और उपनगरों में प्रतिदिन लगभग 3,900 से 4,100 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है. यह आपूर्ति ठाणे, पालघर और मुंबई क्षेत्र में स्थित सात झीलों—भातसा, अपर वैतरणा, मध्य वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, विहार और तुलसी के माध्यम से की जाती है. मानसून सीजन के अंत तक यदि जलाशय पूरी तरह भर जाते हैं, तो पूरे वर्ष शहर में सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित रहती है.