मुंबई के मुलुंड (Mulund) इलाके में रहने वाली एक 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ 1.35 करोड़ रुपये की बहु-स्तरीय ठगी (Multi-Layered Fraud) का मामला सामने आया है. यह ठगी न केवल नकदी और जेवरात तक सीमित रही, बल्कि संपत्तियों की जबरन बिक्री और फर्जी निवेश तक पहुंच गई. पुलिस ने मामले में कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता रेखा श्यामसुंदर छाबड़ा को उनके रिश्तेदार ने प्रवीन उर्फ विनुभाई वेद से मिलवाया. पहले उन्होंने महिला की कुछ शेयर बेचने में मदद की और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लिया. इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने महिला से निवेश के नाम पर लाखों रुपये ले लिए.
रिकवरी एजेंट बनकर आया दूसरा आरोपी
इसके बाद कहानी में एक और शख्स, सागर पिंकेश सोनी आया जिसने खुद को रिकवरी एजेंट बताकर महिला को झांसे में लिया. उसने दावा किया कि वह पहले के निवेश का पैसा वापस दिला सकता है. भरोसा जीतने के बाद उसने महिला से नकदी और जेवरात हड़प लिए.
गोल्ड और प्रॉपर्टी पर डाला डाका
आरोपी ने करीब 400 ग्राम सोना (32 लाख रुपये) हॉलमार्किंग के बहाने ले लिया, जो कभी वापस नहीं किया गया. महिला का फ्लैट भी उसकी वास्तविक कीमत से कम दाम पर बेचवाया गया, जिससे लगभग 26 लाख रुपये का घाटा हुआ. यहां तक कि वृंदावन (यूपी) स्थित संपत्ति को भी बेचकर आधा पैसा दबा लिया गया.
नकली फ्लैट खरीद और बैंक अकाउंट से निकासी
आरोपी ने महिला को यह तक यकीन दिलाया कि उनके पैसों से ‘एटमॉस्फेयर’ नामक प्रोजेक्ट में नया फ्लैट खरीदा गया है, जबकि सच्चाई यह थी कि वह फ्लैट केवल किराए पर लिया गया था. इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला और उनकी बेटी के जॉइंट HDFC अकाउंट से करीब 69 लाख रुपये भी निकाल लिए.
पुलिस जांच
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला ने देखा कि उनके लाखों रुपये और संपत्ति गायब हो चुके हैं. इसके बाद उन्होंने भांडुप पुलिस से संपर्क किया. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में पता चला कि ठगी के पैसों का बड़ा हिस्सा आरोपी धारा वेद के अकाउंट में गया है, जो मुख्य आरोपी विनुभाई वेद की रिश्तेदार है.













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