Mumbai News: मुंबई के दादर स्थित स्विमिंग पूल (Dadar Swimming Pool) में 6 मार्च 2020 को हुई एक घिनौनी घटना में मुंबई की विशेष POCSO कोर्ट ने 30 वर्षीय आरोपी को दो नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. 12 और 13 वर्ष की दो नाबालिग लड़कियों के साथ अश्लील स्पर्श और यौन शोषण का आरोप इस युवक पर सिद्ध हुआ. कोर्ट के इस फैसले ने पीड़ितों को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
मामले में दादर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई थी
आरोप है कि 13 वर्षीय पीड़िता ने जैसे ही आरोपी की अश्लील हरकत को महसूस किया, उसने तुरंत महिला कोच और लाइफगार्ड को सूचित किया. कोच ने आरोपी को बुलाकर पूछताछ की, जहां पीड़िता ने उसे पहचान लिया. बाद में, जब पीड़िता के माता-पिता स्विमिंग पूल पहुंचे, तो 12 वर्षीय दूसरी लड़की ने भी उसी युवक पर यौन शोषण का आरोप लगाया. अगले दिन, 13 वर्षीय लड़की के पिता ने दादर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई. यह भी पढ़े: Thane News: मुंबई से सटे डोंबिवली में 7 वर्षीय छात्रा के साथ यौन शोषण; POCSO एक्ट के तहत जिला परिषद स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार
बचाव में आरोपी ने कोर्ट में दी ये दलील
आरोपी ने कोर्ट में बचाव में दलील दी कि स्विमिंग पूल में उस समय 30 लोग मौजूद थे और पीड़ित लड़कियों ने गलती से उसकी ओर इशारा किया. उसने यह भी कहा कि FIR दर्ज करने में देरी हुई और CCTV फुटेज का कोई सबूत पेश नहीं किया गया.
कोर्ट में पुलिस का पक्ष
जांच अधिकारी ने कोर्ट में स्पष्ट किया, "दोनों लड़कियां डरी हुई थीं और रो रही थीं, जिसके कारण FIR दर्ज करने में एक दिन की देरी हुई। स्विमिंग पूल के उस हिस्से में CCTV कैमरे नहीं थे, इसलिए फुटेज उपलब्ध नहीं है.
कोर्ट का फैसला
विशेष POCSO कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "दोनों पीड़ित लड़कियों ने घटनास्थल पर और बाद में कोर्ट में आरोपी की शिनाख्त की, जो एक मजबूत सबूत है. सरकारी पक्ष ने FIR की देरी और CCTV फुटेज न होने के लिए संतोषजनक स्पष्टीकरण दिया है. यह साबित होता है कि आरोपी ने नाबालिग लड़कियों का पीछा कर उनका यौन शोषण किया. कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा सुनाई।













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