MSRTC में सख्ती, नशे में पाए गए ड्राइवर-कर्मचारियों की अब खैर नहीं, मंत्री प्रताप सरनाईक ने सख्त कार्रवाई के दिए आदेश

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने एसटी (ST) ड्राइवरों और कर्मचारियों के लिए कड़ा रुख अपनाया है. मुंबई के एक डिपो में औचक निरीक्षण के दौरान शराब की बोतलें मिलने के बाद, मंत्री ने ड्यूटी पर नशे में पाए जाने वाले कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

(Photo Credits FB)

मुंबई, 25 जनवरी 2026. महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के ड्राइवरों और कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी के दौरान शराब के सेवन को लेकर राज्य सरकार ने सख्त तेवर अपना लिए हैं. परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जो भी कर्मचारी ड्यूटी के समय नशे की हालत में पाया जाएगा, उसे बिना किसी देरी के तत्काल सेवा से निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा. यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखने के लिए उठाया गया है.

औचक निरीक्षण में मिलीं शराब की बोतलें

यह सख्त कार्रवाई मंत्री प्रताप सरनाईक द्वारा मुंबई के एक बस डिपो (परेल) में किए गए औचक निरीक्षण के बाद शुरू हुई. निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि ड्राइवरों और कंडक्टरों के विश्राम गृहों (Rest Rooms) में कई जगहों पर शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई थीं. इसके साथ ही कुछ कर्मचारियों के व्यवहार से भी उनके नशे में होने के संकेत मिले. इस स्थिति को देख मंत्री ने मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और इसे अनुशासनहीनता से बढ़कर एक गंभीर अपराध करार दिया. यह भी पढ़े:  MSRTC ST App: आपकी बस कहां पर है, इसकी मिलेगी रियल टाइम जानकारी, एमएसआरटीसी ने की ‘आपली एसटी’ एप लॉन्च

यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं

प्रताप सरनाईक ने कहा कि नशे में धुत होकर बस चलाना केवल एक गलती नहीं है, बल्कि यह सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:

नई तकनीक और भविष्य की योजनाएं

परिवहन विभाग ने अब भविष्य में आने वाली सभी नई एसटी बसों में स्टीयरिंग के पास ही 'ब्रेथ एनालाइजर' यंत्र लगाने की योजना बनाई है. इससे यदि ड्राइवर नशे में होगा, तो वाहन स्टार्ट ही नहीं होगा. इसके अलावा, मंत्री ने एक स्वतंत्र विभागीय जांच समिति बनाने का भी आदेश दिया है, जो निरीक्षण के दौरान पाए गए मामलों की गहराई से जांच कर दोषियों को बर्खास्त करने तक की सिफारिश कर सकेगी.

 वर्तमान स्थिति

पिछले कुछ समय में महाराष्ट्र के विभिन्न डिपो (जैसे धुले, नाशिक और नांदेड़) से कर्मचारियों के नशे में होने की शिकायतें मिल रही थीं. अक्टूबर 2025 में भी एक बड़े अभियान के दौरान 7 कर्मचारियों को निलंबित किया गया था. सरकार का लक्ष्य है कि 'लाल परी' (ST बस) का सफर सुरक्षित और विश्वसनीय बना रहे, जिसे देखते हुए अब डिपो में साफ-सफाई और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

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