Pune Auto Fare Update: पुणे में 1 अगस्त से महंगा हो सकता है ऑटो का सफर, CNG के बढ़े दामों के बाद किराया बढ़ाने की मांग तेज; जानें कितना हो सकता है नया फेयर
ऑटो चालकों और आरटीओ (RTO) अधिकारियों के मुताबिक, पुणे में सीएनजी की कीमतें बढ़कर लगभग 95.75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी हैं. जून के मध्य से ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी को ही किराया बढ़ाने की मांग का प्राथमिक कारण बताया जा रहा है
Pune Auto Fare Update: पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में ऑटो-रिक्शा से यात्रा करने वाले यात्रियों को 1 अगस्त से अपनी दैनिक यात्रा के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ सकती है. सीएनजी की बढ़ती कीमतों के कारण ऑटो चालकों और यूनियनों ने किराया संशोधन की मांग तेज कर दी है, जिस पर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (RTA) विचार कर रहा है.
पुणे के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली RTA की आगामी बैठक में प्रस्तावित किराया वृद्धि पर अंतिम फैसला लिए जाने की संभावना है. परिचालन लागत में हुए इजाफे की भरपाई के लिए विभिन्न ऑटो-रिक्शा यूनियनों ने एक सुर में किराए में बढ़ोतरी की मांग रखी है.
कितना बढ़ सकता है ऑटो का किराया?
प्रस्तावित दरों के अनुसार, ऑटो का न्यूनतम किराया (पहले 1.5 किलोमीटर के लिए) मौजूदा 25 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये किया जा सकता है. इसके बाद प्रति किलोमीटर की दर को भी 17 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये करने का प्रस्ताव है.
ऑटो यूनियनों का कहना है कि यह प्रस्तावित वृद्धि खटुआ समिति की सिफारिशों के तहत मिलने वाली संभावित वृद्धि से कम है. चालकों के अनुसार, इस सीमित बढ़ोतरी से जहां एक तरफ ऑटो चालकों को राहत मिलेगी, वहीं यात्रियों पर भी अत्यधिक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा.
सीएनजी की बढ़ती कीमतें बनीं मुख्य वजह
ऑटो चालकों और आरटीओ (RTO) अधिकारियों के मुताबिक, पुणे में सीएनजी की कीमतें बढ़कर लगभग 95.75 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी हैं. जून के मध्य से ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी को ही किराया बढ़ाने की मांग का प्राथमिक कारण बताया जा रहा है.
ऑटो यूनियनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से किराए में संशोधन नहीं हुआ है, जबकि ईंधन दरों और दैनिक जीवन यापन के खर्चों में लगातार वृद्धि हुई है.
मीटर री-कैलिब्रेशन और नए टैरिफ कार्ड की मांग
यदि आरटीए की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो नया किराया ढांचा 1 अगस्त से लागू कर दिया जाएगा. हालांकि, नए किराए को प्रभावी बनाने से पहले सभी ऑटो-रिक्शा के डिजिटल मीटरों का री-कैलिब्रेशन (Meter Recalibration) और आरटीओ द्वारा उनका प्रमाणन किया जाना अनिवार्य होगा.
यात्रियों और चालकों के बीच किराए को लेकर होने वाले विवादों को रोकने के लिए ऑटो यूनियनों ने आरटीओ से अग्रिम रूप से अद्यतन किराया कार्ड (Fare Card) जारी करने का अनुरोध किया है. आरटीए यात्रियों पर पड़ने वाले प्रभाव और यूनियनों की मांगों का आकलन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2026 10:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

