देश

Assam Earthquake: असम में 4.1 तीव्रता के भूकंप से डोली धरती; जानिए क्यों गुवाहाटी और पूर्वोत्तर में बार-बार आते हैं झटके, वैज्ञानिकों ने समझाई वजह

असम के गोलपारा और राजधानी गुवाहाटी सहित आसपास के इलाकों में 8 सितंबर की सुबह 4.1 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र गुवाहाटी से लगभग 81 किलोमीटर दूर गोलपारा में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था. राहत की बात यह रही कि इस मध्यम दर्जे के झटके से किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.

Assam Earthquake: असम में 4.1 तीव्रता के भूकंप से डोली धरती; जानिए क्यों गुवाहाटी और पूर्वोत्तर में बार-बार आते हैं झटके, वैज्ञानिकों ने समझाई वजह
Earthquake in Guwahati | Representational Image (Photo Credits: File Photo)

गुवाहाटी: असम के कई हिस्सों में मंगलवार, 8 सितंबर की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए.  रिक्टर पैमाने पर 4.1 तीव्रता वाले इस भूकंप के कारण गुवाहाटी और पड़ोसी जिलों में कुछ पलों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और एहतियात के तौर पर लोग घरों व दफ्तरों से बाहर निकल आए.

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Centre for Seismology - NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह 9:57 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र गुवाहाटी से लगभग 81 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में स्थित गोलपारा जिले में सतह से मात्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था. यह भी पढ़ें: Earthquake in Leh: लद्दाख के लेह में तड़के महसूस किए गए भूकंप के झटके; रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई तीव्रता

असम में क्यों आया भूकंप? वैज्ञानिकों ने समझाई आंतरिक हलचल

भू-वैज्ञानिकों और सीस्मोलॉजिस्ट्स का कहना है कि असम और पूरा पूर्वोत्तर भारत जटिल भूगर्भीय संरचना पर स्थित है, जिसके चलते यहां बार-बार झटके आते हैं:

  • प्लेट्स का निरंतर टकराव: भारतीय भूगर्भीय प्लेट (Indian Plate) प्रतिवर्ष उत्तर दिशा की ओर बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है. इसके साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र बर्मा माइक्रोप्लेट के दबाव से भी प्रभावित होता है.
  • तनाव का संचय और विमोचन: इस धीमी गति की टक्कर के कारण पृथ्वी की ऊपरी सतह (क्रस्ट) की फॉल्ट लाइनों (दरारों) में भारी भूगर्भीय तनाव (Stress) जमा होता रहता है.
  • अचानक ऊर्जा का निकलना: जब यह आंतरिक दबाव चट्टानों की सहने की क्षमता से अधिक हो जाता है, तो चट्टानें अचानक टूटती या खिसकती हैं। इससे सीस्मिक तरंगों (Seismic Waves) के रूप में भारी ऊर्जा उत्सर्जित होती है, जिसे हम सतह पर कंपन या भूकंप के रूप में महसूस करते हैं.

उथला भूकंप (Shallow Quake) होने से सतह पर हुआ तेज कंपन

विशेषज्ञों ने बताया कि 8 सितंबर का यह झटका अपेक्षाकृत 'उथला भूकंप' (Shallow Earthquake) था, जिसका केंद्र केवल 10 किलोमीटर नीचे था:

  • भू-विज्ञान के सिद्धांतों के अनुसार, उथले भूकंपों से निकलने वाली सीस्मिक तरंगों को सतह तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है.
  • इसके परिणामस्वरूप, रिक्टर स्केल पर मध्यम तीव्रता (1) होने के बावजूद उपरिकेंद्र (Epicentre) और आसपास के क्षेत्रों में कंपन अपेक्षाकृत स्पष्ट और तेज महसूस होता है.

क्या 4.1 का झटका किसी बड़े भूकंप का संकेत है?

अक्सर भूकंप के बाद यह डर फैल जाता है कि क्या यह किसी महाविनाशकारी भूकंप की चेतावनी है। वैज्ञानिकों ने इस तरह की आशंकाओं को खारिज किया है:

  • सीधा संबंध नहीं: सीस्मोलॉजिस्ट्स का स्पष्ट कहना है कि किसी एक मध्यम या हल्के भूकंप को स्वतः किसी आगामी बड़े भूकंप का अग्रदूत (Foreshock) नहीं माना जा सकता.
  • भविष्यवाणी असंभव: आधुनिक विज्ञान उच्च जोखिम वाले सीस्मिक जोनों की पहचान तो कर सकता है, लेकिन दुनिया में किसी भी वैज्ञानिक तकनीक से भूकंप की सटीक तारीख, समय और तीव्रता की पूर्व भविष्यवाणी नहीं की जा सकती. विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.

सीस्मिक जोन 5 में स्थित है पूर्वोत्तर भारत: आपदा प्रबंधन ही बचाव

असम ऐतिहासिक रूप से 1897 और 1950 में आए 8.0 से अधिक तीव्रता के विनाशकारी महा-भूकंपों का गवाह रहा है। यही वजह है कि संपूर्ण पूर्वोत्तर को देश के सबसे खतरनाक सीस्मिक जोन 5 (Seismic Zone V) में वर्गीकृत किया गया है:

  • भूकंप-रोधी निर्माण की आवश्यकता: विशेषज्ञों का जोर है कि चूंकि इन प्राकृतिक झटकों को रोका या टाला नहीं जा सकता, इसलिए सुरक्षा का एकमात्र उपाय 'भूकंप-रोधी निर्माण संहिता' (Earthquake-Resistant Building Codes) का कड़ाई से पालन करना है.
  • जन-जागरूकता: इमारतों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, स्कूल व सार्वजनिक स्थानों पर मॉक ड्रिल और 'ड्रॉप, कवर एंड होल्ड' जैसी प्राथमिक तकनीकों के प्रति निरंतर जागरूकता ही जान-माल की क्षति को न्यूनतम रख सकती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 09, 2026 01:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).