MSRTC बसों के किराए में बढ़ोतरी पर विचार: ईंधन की बढ़ती कीमतों से बढ़ा बोझ, लेकिन परिवहन मंत्री ने कहा- 'तुरंत नहीं बढ़ेंगे दाम'

महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की बसों के किराये में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को राहत देते हुए फिलहाल तुरंत कोई किराया वृद्धि नहीं की जाएगी.

एमए,आरटीसी बस (Photo Credits: File Image)

मुंबई, 18 मई: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (Maharashtra State Road Transport Corporation) यानी एमएसआरटीसी (MSRTC) की बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. लगातार बढ़ती ईंधन (डीजल) की कीमतों के कारण एमएसआरटीसी के वित्तीय घाटे को देखते हुए बस किराये में बढ़ोतरी के एक प्रस्ताव पर विचार चल रहा है. हालांकि, राज्य के परिवहन मंत्री और एमएसआरटीसी के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक (Pratap Sarnaik) ने सोमवार को साफ किया कि आम जनता पर तुरंत कोई वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा और फिलहाल किराये में कोई तात्कालिक वृद्धि नहीं होगी. यह भी पढ़ें: MSRTC Bus: स्कूलों की पिकनिक के लिए अब केवल एसटी बस, प्राइवेट बसों का इस्तेमाल करने पर होगी कार्रवाई, जानें क्या है सरकार का नया नियम

डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से बढ़ा ₹124 करोड़ का बोझ

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में एमएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में निगम के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. माधव कुसेकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

बैठक के बाद जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के कारण निगम पर सालाना लगभग 124 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका है.  एमएसआरटीसी को अपनी बसों के संचालन के लिए हर दिन औसतन 10.87 लाख लीटर डीजल की आवश्यकता होती है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन द्वारा की जाने वाली आपूर्ति में डीजल की कीमत पिछले सप्ताह ₹88.21 प्रति लीटर थी, जो अब ₹3.10 बढ़कर ₹91.31 प्रति लीटर हो गई है.

रोजाना ₹33.7 लाख का अतिरिक्त खर्च

ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी के कारण निगम को अब रोजाना लगभग 33.7 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है. मासिक स्तर पर यह खर्च करीब 10 करोड़ रुपये और सालाना आधार पर लगभग 124 करोड़ रुपये बैठता है. मंत्री सरनाईक ने बताया कि एमएसआरटीसी पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रही है और अकेले अप्रैल 2026 के महीने में ही निगम को लगभग 76 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. ईंधन की बढ़ती लागत सीधे तौर पर निगम की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर रही है, जिससे भविष्य में किराया संशोधन आवश्यक हो सकता है.

राज्य परिवहन प्राधिकरण की मंजूरी के बाद ही फैसला

परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किराया बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है. केंद्र और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के तहत, ईंधन की कीमतों में वृद्धि से जुड़े किराया संशोधन (Fare Revision) का एक प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए 'राज्य परिवहन प्राधिकरण' (State Transport Authority) को भेजा जाएगा. प्राधिकरण से हरी झंडी मिलने के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

वैकल्पिक उपायों पर सरकार का ध्यान

सरकार वर्तमान में विभिन्न वैकल्पिक उपायों पर काम कर रही है ताकि आम यात्रियों पर वित्तीय बोझ कम से कम पड़े. इसके लिए ईंधन संरक्षण, ई-बसों (E-Buses) के उपयोग को बढ़ावा देने, लागत नियंत्रण उपायों और निगम के राजस्व (Revenue) को बढ़ाने की पहलों पर विशेष जोर दिया जा रहा है. मंत्री ने इस बात को भी रेखांकित किया कि ग्रामीण इलाकों के नागरिकों के लिए एसटी बस सेवाएं सार्वजनिक परिवहन का एक अनिवार्य जरिया हैं, इसलिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करते हुए इन सेवाओं को बिना किसी बाधा के जारी रखना निगम की सबसे बड़ी चुनौती है.

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