मीडिया को आलोचना करने का अधिकार है, पर सकारात्मक खबरों को उजागर करना चाहिए: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि मीडिया और अखबारों का काम समाज और सरकार में कोई खामी होने पर समाचार पहुंचाना और जनता को शिक्षित करना है. मोदी ने कहा, "ऐसी कमियों को सामने लाना उनका कर्तव्य है.

मुंबई, 15 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को कहा कि मीडिया और अखबारों का काम समाज और सरकार में कोई खामी होने पर समाचार पहुंचाना और जनता को शिक्षित करना है. मोदी ने कहा, "ऐसी कमियों को सामने लाना उनका कर्तव्य है.. लेकिन आलोचना करने का जितना अधिकार मीडिया को है, उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सकारात्मक खबरों को सामने लाने की है." वह एक गुजराती दैनिक 'मुंबई समाचार' के द्विशताब्दी समारोह में बोल रहे थे, जो पिछले 200 वर्षो से लगातार मुंबई से प्रकाशित होता है और अब दुनिया के 50 सबसे पुराने समाचार पत्रों में शुमार है.

इस संदर्भ में मोदी ने कोरोना महामारी के पिछले 2 वर्षो के दौरान पत्रकारों द्वारा कर्मयोगियोंकी तरह काम करने के तरीके की सराहना की. मोदी ने कहा, "भारत के मीडिया के सकारात्मक योगदान ने 100 साल के इस सबसे बड़े संकट से निपटने में भारत की बहुत मदद की. उन्होंने डिजिटल भुगतान और स्वच्छ भारत अभियान जैसी पहलों को बढ़ावा देने में मीडिया की भूमिका की भी सराहना की." प्रधानमंत्री ने कहा कि इस देश की एक समृद्ध परंपरा है जिसे बहस और चर्चा के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है. यह भी पढ़ें : दिल्ली पुलिस ने बल के आधुनिकीकरण के लिए आईआईटी दिल्ली के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

उन्होंने कहा, "हजारों वर्षो से हमने सामाजिक व्यवस्था के एक हिस्से के रूप में स्वस्थ बहस, स्वस्थ आलोचना और सही तर्क का आयोजन किया है. बहुत कठिन सामाजिक विषयों पर हमारी खुली और स्वस्थ चर्चा होती है. यह भारत की प्रथा रही है, जिसे हमें मजबूत करना है." अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आश्चर्य व्यक्त किया कि एक गुजराती भाषा का अखबार एक चौंका देने वाली दो शताब्दियों के लिए प्रकाशित किया जा सकता है, जहां मराठी जनता की मुख्य भाषा है.

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