Manipur Violence: मणिपुर में ड्रोन और सेना के हेलिकॉप्टरों से रखी जा रही कड़ी निगरानी, जानें कैसे हैं ताजा हालात
सेना के हेलीकॉप्टरों को जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर में हवाई निगरानी के लिए लगाया गया है, जबकि सेना, असम राइफल्स और अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बल संकटग्रस्त जिलों में चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं.
इम्फाल, 6 मई: मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और सेना के हेलीकॉप्टरों को जातीय हिंसा प्रभावित मणिपुर में हवाई निगरानी के लिए लगाया गया है, जबकि सेना, असम राइफल्स और अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बल संकटग्रस्त जिलों में चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं. रक्षा सूत्रों ने कहा कि मणिपुर के विभिन्न हिस्सों में शनिवार सुबह से ही सेना द्वारा चीता हेलीकॉप्टरों का उपयोग कर कई दौर की हवाई निगरानी की जा चुकी है.
एक सूत्र ने कहा, मणिपुर में जारी संकट एक नया सुरक्षा आयाम पैदा कर सकता है क्योंकि भारत-म्यांमार सीमा पर शिविरों में रहने वाले विद्रोही समूह राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के व्यापक प्रयासों के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. राहुल गांधी के दौरे पर बोली DU की प्रॉक्टर, यूनिवर्सिटी कोई राजनीतिक अखाड़ा नहीं, जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी
सूत्र ने कहा कि इस मुद्दे को सुरक्षा बलों द्वारा सक्रिय रूप से संबोधित किया जा रहा है, जो नापाक मंसूबों को विफल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. सूत्र ने कहा, जबकि असम राइफल्स चौबीसों घंटे चौकसी और सीमा निगरानी के साथ ग्राउंड जीरो पर अपनी तैनाती बढ़ा रही है, सेना और अन्य सुरक्षा बल मणिपुर में वर्तमान अशांति को जल्द से जल्द शांत करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.
एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, भारतीय वायु सेना ने सी17 ग्लोबमास्टर और एएन 32 विमानों को नियोजित करते हुए असम में दो हवाई क्षेत्रों से अतिरिक्त सेना और अर्धसैनिक बलों को भेजा. प्रभावित क्षेत्रों से सभी समुदायों के नागरिकों को निकालने का काम जारी है.
एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, मणिपुर में 3 मई से अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि स्थानीय मीडिया और अपुष्ट रिपोटरें ने महिलाओं सहित मरने वालों की संख्या 50-55 बताई है. मणिपुर सरकार के नवनियुक्त सुरक्षा सलाहकार, सीआरपीएफ के पूर्व प्रमुख कुलदीप सिंह ने कहा कि मणिपुर के विभिन्न जिलों में जातीय हिंसा की श्रृंखला में कम से कम 18 से 20 लोग मारे गए.
हालांकि, स्थानीय मीडिया ने अस्पताल के सूत्रों के हवाले से कहा कि तीन मई से कम से कम छह जिलों में प्रतिद्वंद्वी जातीय समूहों द्वारा किए गए हमलों और जवाबी हमलों में महिलाओं सहित कम से कम 50 से 55 लोग मारे गए हैं. सिंह ने शनिवार को इंफाल में मीडिया से कहा, इन हमलों में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं. 3 मई से अब तक हुए इन हमलों में 500 से अधिक घर, बड़ी संख्या में वाहन, दुकानें और अन्य संपत्तियां या तो जल गईं या क्षतिग्रस्त हो गईं.
उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में 23 पुलिस थानों को सबसे संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया गया है और इन क्षेत्रों में सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को पर्याप्त रूप से तैनात किया गया है. सिंह ने कहा कि सेना और असम राइफल्स का फ्लैग मार्च छह से अधिक जिलों में जारी है, खासकर सबसे अशांत चुराचांदपुर जिले में.
मणिपुर में व्याप्त अशांति को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पहले ही राज्य में धारा 355 लागू कर दी है. अनुच्छेद 355 संविधान में निहित आपातकालीन प्रावधानों का हिस्सा है जो केंद्र को आंतरिक गड़बड़ी या बाहरी आक्रमण के खिलाफ राज्य की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार देता है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2023 07:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

