देश

Monalisa Bhosle Case: महाकुंभ फेम मोनालिसा भोंसले को एमपी हाईकोर्ट से बड़ी राहत; नाबालिग दिखाने वाला जन्म प्रमाण पत्र रद्द

प्रयागराज महाकुंभ 2025 से सोशल मीडिया पर चर्चा में आई 'कुंभ गर्ल' मोनालिसा भोंसले को उम्र विवाद और अंतर्धार्मिक विवाह के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने खरगोन जिले के महेश्वर मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा 31 मार्च 2026 को जारी उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके जरिए मोनालिसा की जन्मतिथि बदलकर उन्हें नाबालिग दर्शाने वाला नया प्रमाण पत्र जारी किया गया था.

Monalisa Bhosle Case: महाकुंभ फेम मोनालिसा भोंसले को एमपी हाईकोर्ट से बड़ी राहत; नाबालिग दिखाने वाला जन्म प्रमाण पत्र रद्द
Monalisa Bhosle, Farman Khan (Photo Credit: Instagram)

जबलपुर/इंदौर: सोशल मीडिया पर 'महाकुंभ वायरल गर्ल' के रूप में पहचान बनाने वाली मोनालिसा भोंसले और उनके पति फरमान खान से जुड़े विवाह व उम्र विवाद में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने महेश्वर नगर पालिका के उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत 5 जून 2025 के मूल जन्म प्रमाण पत्र की प्रविष्टि को रद्द कर उनकी जन्मतिथि में बदलाव किया गया था.

इस फैसले का सीधा प्रभाव दोनों के वैवाहिक विवाद पर पड़ेगा, क्योंकि मोनालिसा के विवाह के समय उनके बालिग होने या न होने का प्रश्न ही पूरे कानूनी विवाद का मुख्य केंद्र रहा है. यह भी पढ़ें: Monalisa Marriage Controversy: महाकुंभ की 'वायरल गर्ल' मोनालिसा निकली नाबालिग, जांच में उम्र 16 साल, पति फरमान खान पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

हाईकोर्ट ने क्या कहा: प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन

IND24 की रिपोर्ट के अनुसार, यह आदेश जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 15 तथा मप्र नियम, 2024 के नियम 11 के तहत पारित किया गया था:

  • सुनवाई का अधिकार छीना गया: अदालत ने स्पष्ट किया कि जन्म रिकॉर्ड में बदलाव करने से पहले मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने उस व्यक्ति यानी मोनालिसा को कोई नोटिस या प्रभावी सुनवाई का अवसर नहीं दिया, जो इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित हो रही थीं.
  • प्रक्रियात्मक खामी: प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत (Principles of Natural Justice) की अनदेखी पाए जाने पर हाईकोर्ट ने 31 मार्च 2026 के संशोधन आदेश को खारिज कर दिया.
  • अदालत ने निर्देश दिया है कि अब संबंधित प्राधिकारी मोनालिसा का पक्ष सुनकर पिता की सुधार याचिका पर कानून के मुताबिक नए सिरे से विचार करे.

कैसे शुरू हुआ विवाद? शादी और फिर दर्ज हुई FIR

मोनालिसा भोंसले और फरमान खान के विवाह के बाद यह पारिवारिक और कानूनी विवाद सार्वजनिक हुआ था:

  • केरल में विवाह: मोनालिसा ने 11 मार्च 2026 को अपने सह-कलाकार फरमान खान से केरल के एक मंदिर में विवाह किया था.
  • पिता का विरोध: विवाह का विरोध करते हुए मोनालिसा के पिता ने आरोप लगाया कि शादी के वक्त वह नाबालिग थीं और इस नाते विवाह शून्य है.
  • अपहरण का केस: पिता की शिकायत के आधार पर मध्य प्रदेश पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया था.

याचिकाकर्ताओं की दलील: 'भाई की जन्मतिथि दर्ज कराई गई'

LawBeat की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में हाईकोर्ट पहुंचीं मोनालिसा और फरमान खान ने गंभीर आरोप लगाए थे:

  • मूल रिकॉर्ड में 18 वर्ष की आयु: याचिका के मुताबिक, मोनालिसा ने महेश्वर नगर पालिका में घर पर जन्म होने का उल्लेख करते हुए आवेदन दिया था, जिसे उनकी मां के 30 मई 2025 के शपथ पत्र का समर्थन प्राप्त था. औपचारिकताओं के बाद जारी प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी, जिससे वे 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष (वयस्क) पूरी कर चुकी थीं.
  • फर्जीवाड़े का आरोप: याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उनके पिता ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और अस्पताल रिकॉर्ड का हवाला देकर दावा किया कि उनका जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ था..
  • मोनालिसा ने दावा किया कि 31 मार्च 2026 को जारी दूसरे प्रमाण पत्र में दर्ज तारीख दरअसल उनके भाई की थी, जिसे दुर्भावनापूर्ण तरीके से उन्हें नाबालिग साबित करने के लिए इस्तेमाल किया गया था.

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद फिलहाल उन्हें नाबालिग दर्शाने वाला दूसरा प्रमाण पत्र रद्द हो गया है, जिससे शादी की वैधानिकता को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम मजबूती मिली है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2026 11:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).