Ayodhya Terror Conspiracy: अयोध्या राम मंदिर पर बम हमले की बड़ी साजिश नाकाम; NIA और यूपी ATS ने सहारनपुर से एक युवक को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और उत्तर प्रदेश एंटी-टीररिज्म स्क्वाड (ATS) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में अयोध्या स्थित राम मंदिर को निशाना बनाने की एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है. सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में यूपी के सहारनपुर से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है, जिसके मोबाइल से पाकिस्तान कनेक्शन और बम हमले की प्लानिंग से जुड़े कई पुख्ता सबूत मिले हैं.

अयोध्या के राम मंदिर को निशाना बनाने के आरोप में सहारनपुर का युवक गिरफ़्तार (Photo Credits: Instagram)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को आतंकवाद विरोधी मोर्चे पर एक बड़ी कामयाबी मिली है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( National Investigation Agency) (NIA) और उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) की एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (UP ATS) ने एक संयुक्त और खुफिया ऑपरेशन चलाकर अयोध्या के प्रतिष्ठित राम मंदिर परिसर को निशाना बनाने की एक गंभीर आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है. इस मामले में सुरक्षा बलों ने राज्य के सहारनपुर जिले से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है. सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से इनपुट्स मिल रहे थे, जिसके बाद तकनीकी सर्विलांस और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए यह कार्रवाई की गई. यह भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, SIR ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की मौजूदगी में की जांच

मोबाइल से मिले बम हमले की साजिश के ऑडियो सबूत

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी के पास से बरामद मोबाइल डिवाइस और अन्य डिजिटल उपकरणों की शुरुआती जांच में बेहद चौंकाने वाले और आपत्तिजनक सबूत मिले हैं. आरोपी के फोन से कुछ ऐसे महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग्स और बातचीत के अंश मिले हैं, जो सीधे तौर पर अयोध्या के इस हाई-प्रोफाइल मंदिर परिसर पर बम से हमला करने की सुनियोजित साजिश (Conspiracy) की पुष्टि करते हैं. इन डिजिटल साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आगे की जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है.

विदेशी हैंडलर्स और पाकिस्तान से जुड़े तार

प्राथमिक पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार युवक विदेशी ताकतों के साथ लगातार संपर्क में था. वह एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सुरक्षित मैसेजिंग एप्लिकेशनों के जरिए पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध हैंडलर्स के साथ सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था.

इन चैट और कॉल्स के माध्यम से हमले की रणनीतिक योजना तैयार की जा रही थी. इसमें विस्फोटकों को असेंबल करने, धमाके को अंजाम देने के तरीकों और हथियारों के संचालन से जुड़ी ट्रेनिंग के निर्देश शामिल थे.

हाई अलर्ट पर अयोध्या, नए कानूनों के तहत केस दर्ज

इस गंभीर खुलासे के बाद धार्मिक नगरी अयोध्या और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है और पूरे सुरक्षा तंत्र को हाई अलर्ट (High Alert) पर रखा गया है. मंदिर परिसर की ओर आने-जाने वाले सभी रास्तों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है.

पकड़े गए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की आतंकवाद विरोधी सुसंगत धाराओं के तहत आधिकारिक तौर पर मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब आरोपी के पूरे नेटवर्क को खंगालने और देश के भीतर उसके अन्य सहयोगियों का पता लगाने के लिए बरामद डेटा का गहन फॉरेंसिक विश्लेषण (Forensic Analysis) कर रही हैं. यह पूरी कार्रवाई दर्शाती है कि उद्घाटन के बाद से ही बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रहने वाले इस संवेदनशील शहर पर खुफिया एजेंसियां कितनी बारीक नजर रख रही हैं.

Share Now