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Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर दान विवाद, SIR ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की मौजूदगी में की जांच

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने जांच तेज कर दी है. एसआईटी की टीम ने राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय पहुंचकर महासचिव चंपत राय की मौजूदगी में वित्तीय रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं.

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या राम मंदिर दान विवाद,  SIR ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की मौजूदगी में की जांच
Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir Donation Controversy:  अयोध्या में भव्य राम मंदिर के चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी और चोरी के आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. जून 2026 के मध्य में अयोध्या पहुंची तीन सदस्यीय एसआईटी की टीम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय में डेरा डाल दिया है. जांच टीम ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव की मौजूदगी में मंदिर निर्माण और चढ़ावे से संबंधित वित्तीय दस्तावेजों, बैंक जमा रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की है. इस कदम से दान में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच को एक नई दिशा मिली है.

 एसआईटी की मैराथन पूछताछ

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन की सदस्यता वाली एसआईटी ने राम मंदिर परिसर में लगातार कई घंटों तक पड़ताल की. जांच दल ने विशेष रूप से उन आरोपों की पड़ताल की है जिनमें मंदिर की दान पेटियों (हुंडी) से निकली रकम के प्रबंधन में अनियमितताएं बरतने की बात कही गई थी. एसआईटी ने नोट गिनने की प्रक्रिया से जुड़े बैंक कर्मचारियों, सेवादारों और आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मियों समेत 40 से अधिक लोगों से पूछताछ की है. इसके साथ ही, दान कक्ष में सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए खुफिया कैमरों (Hidden Cameras) के फुटेज को भी कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है.

पूर्व कर्मचारियों और सेवादारों पर गहराया शक

इस पूरे मामले में अब तक पांच संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से कुछ से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने करीब 2 करोड़ रुपये की राशि बरामद करने का दावा किया है. जांच के दायरे में ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के करीबी और पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं. चंपत राय के पूर्व ड्राइवर और सेवादार रहे रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव से भी एसआईटी ने सवाल-जवाब किए हैं. उन पर और उनके सहयोगियों पर अचानक आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और महंगे प्लॉट खरीदने के आरोप लगे हैं. हालांकि, टिन्नू यादव ने इन आरोपों को पूरी तरह अनर्गल और आधारहीन बताया है.

राजनीतिक विवाद और जांच की पृष्ठभूमि

राम मंदिर में चढ़ावे की राशि गायब होने का यह विवाद तब गरमाया जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे से करोड़ों रुपये गायब हैं और सरकार की इस पर चुप्पी संदिग्ध है. मामले की संवेदनशीलता और वैश्विक स्तर पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद सरकार से एक निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया था. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस उच्च स्तरीय एसआईटी का गठन किया गया, जिसे जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश है.

ट्रस्ट की सफाई

इस पूरे घटनाक्रम पर राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए जांच और उपचारात्मक कार्यों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी. वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले कहा था कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर ऑडिट किया जाता है और आंतरिक ऑडिट में अब तक कोई बड़ी गड़बड़ी सामने नहीं आई थी. एसआईटी की इस गहन जांच के नतीजों पर अब देश भर की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसका सीधा संबंध मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2026 08:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).