Bird Flu: महेंद्र सिंह धोनी के 'Kadaknath Chicken' फार्मिंग पर बर्ड फ्लू का खतरा, बिजनेस में हो सकता है नुकसान
धोनी ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक गांव के निवासी विनोद मेदा से 2000 चूजे मंगवाए थे, वहां बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. झाबुआ जिले में मेदा के कड़कनाथ मुर्गी फार्म के सैंपल्स में एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है.
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने पिछले साल अगस्त में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इसके बाद धोनी पोल्ट्री और ऑर्गेनिक खेती का बिजनेस चला रहे हैं. महेंद्र सिंह धोनी ने अपने पोल्ट्री फार्म में कड़कनाथ मुर्गे-मुर्गी पाले हैं, लेकिन अब बर्ड फ्लू का संकट उनके बिजनेस ऊपर भी मंडरा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, धोनी ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक गांव के निवासी विनोद मेडा से 2000 चूजे मंगवाए थे, वहां बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, झाबुआ जिले में मेडा के कड़कनाथ मुर्गी फार्म के सैंपल्स में एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है.
कुक्कट फार्म के मालिक विनोद मेडा ने बताया, ‘‘जिस कुक्कट फार्म में कड़कनाथ में वायरस पाया गया है, वहां 550 कडकनाथ मुर्गे और लगभग 2800 चूजे थे. पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी और तहसील की टीम सभी को नष्ट करने के लिए ले गए हैं.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इसी फार्म से कड़कनाथ चूजे मंगवाए थे. वे रांची में इसकी फार्मिंग करते हैं. बता दें कि झाबुआ के कड़कनाथ फार्म इस समय बर्ड फ्लू की मार झेल रहे हैं. बर्ड फ्लू का असर अब धोनी के पोल्ट्री फार्म बिजनेस पर भी पड़ सकता है. Bird Flu: मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में कड़कनाथ मुर्गी में मिला बर्ड फ्लू वायरस.
राज्य के पशुपालन निदेशक डॉ आरके रोकड़े ने कहा कि उन्हें मंगलवार को NIHSAD भोपाल से एक पत्र मिला है जिसमें बताया गया है कि झाबुआ जिले के थांदला ब्लॉक के रुनीपाड़ा गांव में मुर्गी फार्म से कड़कनाथ मुर्गे के सैंपल्स में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है.
डॉ आरके रोकड़े ने आगे कहा कि झाबुआ जिले में उप निदेशक (पशुपालन) को केंद्र सरकार के बर्ड फ्लू एक्शन प्लान 2021 के अनुसार कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिसमें मुर्गी, अंडे आदि का निपटान शामिल है. रोकड़े ने कहा कि खेत के एक किमी के दायरे को संक्रमित क्षेत्र के रूप में माना जाएगा और संक्रमित क्षेत्र के अन्य पोल्ट्री फार्मों में चूजों को भी मारा जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 13, 2021 12:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

