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महायुति गठबंधन मजबूती से लड़ेगा नगर पालिका चुनाव, विभाग को लेकर दवाब नहीं: छगन भुजबल

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने शुक्रवार को विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय जाहिर की. उन्होंने अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए मीडिया में चल रही अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई बात नहीं है.

महायुति गठबंधन मजबूती से लड़ेगा नगर पालिका चुनाव, विभाग को लेकर दवाब नहीं: छगन भुजबल
Chhagan Bhujbal

मुंबई, 23 मई : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार के मंत्री छगन भुजबल ने शुक्रवार को विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय जाहिर की. उन्होंने अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए मीडिया में चल रही अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई बात नहीं है.

आगामी नगर पालिका चुनावों के संदर्भ में भुजबल ने कहा कि महायुति गठबंधन में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में सभी निर्णय लिए जाएंगे. हम एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे. मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों के मार्गदर्शन में हमारा गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ेगा. छगन भुजबल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी विशेष विभाग के लिए दबाव नहीं डाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुझे जो भी विभाग मिलेगा, मैं उसमें पूरी मेहनत से काम करूंगा. मैं 1991 से मंत्रिमंडल में रहा हूं, चाहे वह गृह, आवास, पीडब्ल्यूडी या वर्तमान खाद्य और आपूर्ति विभाग हो, मैंने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है." यह भी पढ़ें : हरियाणा में कोविड के नए मामलों को लेकर घबराने की जरूरत नहींः स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह

छगन भुजबल ने उन दावों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया कि उन्हें मंत्री पद दिलाने में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अहम भूमिका थी. उन्होंने कहा, "पहले मंत्रिमंडल गठन के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने मुझे शामिल करने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी. बाद में सभी के फैसले के बाद मुझे मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है. मैं साफ कर दूं कि मैं भाजपा का नहीं बल्कि अजित पवार की एनसीपी का मंत्री हूं. मंत्री पद देने का फैसला एनसीपी का है, मुख्यमंत्री केवल सुझाव दे सकते हैं. मंत्री के तौर पर मुझे कौन सा विभाग मिलना चाहिए, इस बारे में मैंने कोई सुझाव नहीं दिया है. यह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तय करते हैं. मुझे जो भी विभाग दिया जाएगा, मैं उसमें काम करूंगा"

छगन भुजबल ने भ्रष्टाचार के पुराने आरोपों पर कहा कि जब वह महाविकास आघाडी सरकार का हिस्सा थे, तब मेरे खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह से खारिज हो चुका है. 80 पन्नों का फैसला आया था, और मैं उस मामले से पूरी तरह मुक्त हो गया था. मेरे साथ-साथ अन्य लोग भी उस केस से बरी हुए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2025 03:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).